जीडीपी में 5 प्रतिशत का योगदान
हैदराबाद। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क (Mallu Bhatti Vikramarka) ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025–26 का वार्षिक बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि तेलंगाना का सकल राज्य घरेलू उत्पाद राष्ट्रीय जीडीपी का पांच प्रतिशत है, जो राज्य को देश की विकास गति का सशक्त इंजन बनाता है। भट्टी विक्रमार्क ने बताया कि वर्ष 2025–26 में तेलंगाना का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 17,82,198 करोड़ रहा, जिसमें 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके मुकाबले देश का सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) 3,57,13,886 करोड़ रहा और इसकी वृद्धि दर 8 प्रतिशत थी।
राष्ट्रीय औसत से 2.7 प्रतिशत अधिक रही राज्य की वृद्धि दर
राज्य की वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से 2.7 प्रतिशत अधिक रही। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय वृद्धि दर घट रही है, जबकि तेलंगाना में विकास दर सुधार दिखा रही है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2025–26 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 4,18,931 रुपए रही, जिसमें 10.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय 2,19,575 रुपए थी। इस प्रकार तेलंगाना की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से 1,99,356 अधिक है, यानी लगभग दोगुनी है।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
राज्य की कुल जनसंख्या में हिंदू समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 85% के आसपास मानी जाती है, हालांकि अलग-अलग जनगणना रिपोर्टों में यह थोड़ा बदल सकता है। Telangana में हिंदू सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय है, जबकि मुस्लिम और अन्य धर्मों के लोग भी यहां महत्वपूर्ण संख्या में रहते हैं। यह राज्य अपनी सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सह-अस्तित्व के लिए जाना जाता है।
तेलंगाना का दूसरा नाम क्या है?
ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र को “तेलंगाना” के अलावा Telangana region या “तेलंगाना क्षेत्र” के नाम से ही जाना जाता रहा है। प्राचीन ग्रंथों में इसे “त्रिलिंग देश” (Trilinga Desha) भी कहा गया है, जो यहां स्थित तीन प्रमुख शिव मंदिरों से जुड़ा हुआ माना जाता है। यही नाम समय के साथ बदलकर तेलंगाना बन गया।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
यहां का पारंपरिक भोजन मसालेदार और स्वादिष्ट होता है, जिसमें Hyderabadi Biryani सबसे प्रसिद्ध है। इसके अलावा सरवा पिंडी, साकिनालु, पचड़ी, ज्वार की रोटी और दाल-चावल भी आमतौर पर खाए जाते हैं। इस क्षेत्र के खाने में दक्षिण भारतीय और स्थानीय देसी स्वाद का अच्छा मिश्रण देखने को मिलता है, जो इसे खास बनाता है।
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