हथियार लाइसेंस जारी करते समय कड़े मानदंडों का पालन करें
हैदराबाद। साइबराबाद पुलिस आयुक्त डॉ. एम. रमेश (Dr. M. Ramesh) ने साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट ऑडिटोरियम में एक व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कानून-व्यवस्था (Law and order), यातायात, अपराध, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध शाखा, महिला एवं बाल सुरक्षा विंग, कार मुख्यालय, विशेष अभियान दल और अपराध नियंत्रण स्टेशनों सहित सभी विंग्स के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अपराध प्रवृत्तियों, लंबित मामलों, ट्रायल की प्रगति, सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास की विस्तृत समीक्षा की गई। डॉ. रमेश ने दिसंबर 2025 के अपराध आंकड़ों और जनवरी 2026 की प्रारंभिक रिपोर्ट की समीक्षा की। इसमें संपत्ति अपराध, साइबर अपराध, सड़क दुर्घटनाएं, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, ठगी, जालसाजी, दहेज निषेध अधिनियम के उल्लंघन, एनडीपीएस मामले और लंबित गैर-जमानती वारंट शामिल थे।
साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट में समीक्षा बैठक आयोजित
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग का मूल उद्देश्य जनसेवा है और तेज़ी से अपराध का पता लगाना, समयबद्ध जांच और प्रभावी केस निपटान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अपराध स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए, ताकि जांच की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। गैंग अपहरण, हत्या, चेन स्नैचिंग, धोखाधड़ी, संपत्ति अपराध, उपद्रवी गतिविधियों और साइबर अपराधों से निपटने के लिए ठोस रणनीतियों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से पास्को अधिनियम, एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम और आर्थिक अपराधों में दोषसिद्धि दर बढ़ाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने पर जोर दिया गया। लंबित और पुराने मामलों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने तथा संसाधनों के समुचित उपयोग के निर्देश दिए गए।
आवश्यकता पड़ने पर पीडी एक्ट के तहत कार्रवाई करने को कहा गया
सीपी ने कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन्स, आदतन अपराधियों, भूमि कब्जाधारियों और अंतर-राज्यीय गिरोहों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर पीडी एक्ट के तहत कार्रवाई करने को कहा गया। डायल-100 कॉल्स पर त्वरित प्रतिक्रिया, रात्रि गश्त, सरप्राइज चेक्स, क्लूज टीम, डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट टीम के प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया गया। यातायात प्रबंधन बैठक का अहम हिस्सा रहा। पीक आवर्स में नियमों का सख्ती से पालन कराने, नियमित डीडी चेक्स, और स्काईवॉक, अंडरपास, फ्लाईओवर, फुटपाथ और सर्विस रोड्स के प्रस्तावों पर चर्चा की गई। ओआरआर पर ट्रैफिक बाधाओं को दूर करने, ब्लैक स्पॉट्स की पहचान, सीसीटीवी कैमरे, हाई-मास्ट लाइट्स, इलेक्ट्रॉनिक वीएमएस बोर्ड, रोड मार्किंग, बस शेल्टर और सड़क मरम्मत कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
तकनीक आधारित साक्ष्य संग्रह पर दिया जोर
सीपी ने हथियार लाइसेंस जारी करते समय कड़े मानदंडों का पालन करने, न्यायिक अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय, साइबर अपराधों पर जन जागरूकता अभियान और तकनीक आधारित साक्ष्य संग्रह पर जोर दिया। उन्होंने पेशेवर ईमानदारी, नागरिक-केंद्रित सेवा और इंटर-विंग समन्वय को साइबराबाद पुलिसिंग की सफलता की कुंजी बताया। इस समीक्षा बैठक में माधापुर डीसीपी ऋतिराज, सेरिलिंगमपल्ली डीसीपी च. श्रीनिवास, ट्रैफिक–II डीसीपी शेषाद्रिनी रेड्डी, क्राइम्स डीसीपी ए. मुथ्यम रेड्डी, एसबी डीसीपी वाईवीएस सुधींद्र, ट्रैफिक–I डीसीपी रंजन रतन कुमार आदि उपस्थित रहे।
साइबराबाद के वर्तमान पुलिस आयुक्त कौन है?
अभी साइबराबाद के पुलिस आयुक्त डॉ. एम. रमेश हैं। वे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट के नेतृत्व के लिए नियुक्त हैं। उनका कार्य उत्तर तथा दक्षिण हैदराबाद के आसपास के आईटी हब और पास के इलाकों में कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा, विशेष रूप से साइबर और हाई-टेक क्षेत्रों से जुड़े अपराधों की रोकथाम और नियंत्रण करना है।
पुलिस आयुक्त कौन थे?
पहले इस पद पर अविनाश मोहनथी पुलिस आयुक्त रहे थे। वे भी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं जिन्होंने साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े जिम्मेदारियाँ निभाई थीं, उसके बाद अन्य प्रशासनिक बदलावों के अनुसार स्थानांतरण या नई नियुक्तियाँ हुईं।
हैदराबाद में वर्तमान पुलिस आयुक्त कौन है?
इस समय हैदराबाद शहर के पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार हैं। वे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और पूरे हैदराबाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, शांति-सुरक्षा और अपराध नियंत्रण से जुड़े प्रमुख कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं।
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