Bhatti-Vikramarka : हैदराबाद। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क (Bhatti-Vikramarka) ने कहा कि जन सरकार राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सोमवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के साथ उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने सचिवालय (Secretariat) से राज्यभर में 8,000 स्वयं सहायता समूह भवनों के निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे ऐतिहासिक कदमों की जानकारी दी। भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि पूर्व में महिला समूहों को गांवों में अपने कार्यालय भवन नहीं होने के कारण अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
राज्यभर में 8,000 स्वयं सहायता समूह भवनों के निर्माण का शुभारंभ
बैठकों का आयोजन पंचायत कार्यालयों, सदस्यों के घरों अथवा पेड़ों के नीचे करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को बदलने के लिए सरकार ने महिला समूहों के लिए स्थायी और सम्मानजनक भवनों के निर्माण का निर्णय लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये 8,000 भवन पूरे देश के लिए आदर्श बनेंगे। उपमुख्यमंत्री ने बीआरएस नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सत्ता में आने के बाद एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य घोषित किया था, तब विपक्षी नेताओं ने उसका उपहास उड़ाया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 20 हजार करोड़ रुपये की दर से एक लाख करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध कराने की घोषणा की थी, जिसका भी विरोधियों ने मजाक बनाया।
कार्य करके दिखाने वाली सरकार
उन्होंने कहा, “यह केवल बातें करने वाली सरकार नहीं, बल्कि कार्य करके दिखाने वाली सरकार है। हमने अपने कार्यों से अपनी प्रतिबद्धता सिद्ध की है। मात्र ढाई वर्षों में बैंक लिंकेज योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को 60 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई है। आगामी ढाई वर्षों में इस राशि को एक लाख करोड़ रुपये ही नहीं, बल्कि एक लाख 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। यह उपलब्धि हमारी आलोचना करने वालों के लिए करारा जवाब है।” भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि सरकार ने महिला समूहों के लिए ब्याज मुक्त ऋण की सीमा बढ़ाने संबंधी शासनादेश जारी किया है। पहले यह सीमा पांच लाख रुपये थी, जिसे मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी तथा पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री दानसरी अनसूया सीतक्का की पहल पर बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है।
निर्णय का राज्यभर की महिलाओं ने किया जोरदार स्वागत
उन्होंने कहा कि इस निर्णय का राज्यभर की महिलाओं ने जोरदार स्वागत किया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि “एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने” का लक्ष्य केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजना के लिए निश्चित लक्ष्य तय करने तथा स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने का निर्देश दिया है। भट्टी विक्रमार्क ने इसे सरकार की गंभीरता और दृढ़ संकल्प का प्रमाण बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं इन अवसरों का भरपूर लाभ उठाकर आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनेंगी तथा पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
पेयजल से आप क्या समझते हैं?
स्वच्छ और सुरक्षित पानी, जिसे पीने के लिए उपयोग किया जा सके, पेयजल कहलाता है। इसमें हानिकारक जीवाणु, रसायन और अशुद्धियां नहीं होनी चाहिए। पेयजल मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। घरों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ पानी की उपलब्धता अच्छे स्वास्थ्य का आधार मानी जाती है।
1 दिन में नार्मल कितना पानी पीना चाहिए?
शरीर की जरूरत, मौसम, उम्र और काम के अनुसार पानी की मात्रा अलग हो सकती है। सामान्य तौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति को दिनभर में लगभग 2 से 3 लीटर पानी पीना उपयोगी माना जाता है। गर्मियों या अधिक शारीरिक मेहनत के दौरान पानी की जरूरत बढ़ सकती है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में मदद मिलती है।
पेयजल का मुख्य स्रोत क्या है?
नदियां, झीलें, तालाब, भूजल और वर्षा जल पेयजल के प्रमुख स्रोत माने जाते हैं। कई शहरों में बांध और जलाशयों से भी पानी की आपूर्ति की जाती है। भूजल प्राप्त करने के लिए कुएं और ट्यूबवेल का उपयोग किया जाता है। शुद्धिकरण के बाद इन स्रोतों का पानी पीने योग्य बनाया जाता है।
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