Tech : सी-डैक ने दिखाया तकनीकी आत्मनिर्भरता का रास्ता, 39वें स्थापना दिवस पर जोर

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स्थापना दिवस
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हैदराबाद। सी-डैक के 39वें स्थापना दिवस समारोह (Foundation Day Celebration) में देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर शीर्ष नीति निर्माताओं और वैज्ञानिकों ने संगठन की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए एस. कृष्णन, सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि सी-डैक ने हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और उभरती डिजिटल तकनीकों में भारत की क्षमताओं को मजबूत किया है। उन्होंने नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन, नेशनल सेमीकंडक्टर मिशन और नेशनल क्वांटम मिशन में संगठन की भूमिका को सराहते हुए क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और आईओटी जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता (Need) बताई।

सुपरकंप्यूटर श्रृंखला के माध्यम से देश को नई तकनीकी दिशा दी

पूर्व इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा कि सी-डैक ने परम सुपरकंप्यूटर श्रृंखला के माध्यम से देश को नई तकनीकी दिशा दी है। उन्होंने इसरो के साथ सहयोग को अंतरिक्ष मिशनों की सफलता में अहम बताया और स्वदेशी सैटेलाइट तथा एआई आधारित तकनीकों पर ध्यान देने की सलाह दी। समारोह में डॉ. ई. माघेश, डॉ. रणधीर ठाकुर, डॉ. डी. श्रीनिवास रेड्डी, प्रो. रजत मूना और शीना रानी आर. सहित कई प्रमुख वैज्ञानिक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि सुपरकंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और क्वांटम तकनीकों में सी-डैक की महत्वपूर्ण भूमिका भारत को वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की ओर अग्रसर कर रही है। साथ ही उद्योग, शिक्षण संस्थानों और रक्षा क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ाने तथा अनुसंधान को व्यावहारिक रूप देने पर बल दिया गया।

C dac का फुल फॉर्म क्या है?

इसका पूरा नाम “Centre for Development of Advanced Computing” होता है। हिंदी में इसे “उन्नत कंप्यूटिंग के विकास का केंद्र” कहा जाता है। यह भारत की एक प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्था है, जो उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग और आईटी से जुड़े क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास का कार्य करती है। इस संस्था ने देश में सुपरकंप्यूटर तकनीक के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सी-डैक क्या है?

यह एक प्रमुख सरकारी अनुसंधान और विकास संस्था है, जो सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्र में कार्य करती है। Centre for Development of Advanced Computing की स्थापना 1988 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश में उन्नत कंप्यूटिंग तकनीकों का विकास करना और डिजिटल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। यह संस्था विभिन्न तकनीकी परियोजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन भी करती है।

सी डैक का कौन सा प्रमुख कार्य है?

इस संस्था का मुख्य कार्य उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग (सुपरकंप्यूटर) का विकास और अनुसंधान करना है। इसके अलावा यह सॉफ्टवेयर विकास, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भाषा कंप्यूटिंग और एम्बेडेड सिस्टम जैसे क्षेत्रों में भी कार्य करती है। देश में विकसित “PARAM” सुपरकंप्यूटर श्रृंखला इसी संस्था की देन है। साथ ही यह विभिन्न सरकारी और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए तकनीकी समाधान और प्रशिक्षण भी प्रदान करती है।

सी-डैक किस मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है?

यह संस्था भारत सरकार के Ministry of Electronics and Information Technology के अंतर्गत कार्य करती है। यह मंत्रालय देश में डिजिटल विकास, आईटी नीतियों और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है। सी-डैक इस मंत्रालय के मार्गदर्शन में विभिन्न उन्नत तकनीकी परियोजनाओं को संचालित करता है और देश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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