हैदराबाद। वीर हनुमान विजय यात्रा के अवसर पर हैदराबाद पुलिस ने शहर में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए। गुरुवार को गौलीगुड़ा राम मंदिर में नगर पुलिस कमिश्नर (CP) वीसी सज्जनर ने विशेष पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा का शुभारंभ किया। कमिश्नर ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्सों से कुल 168 शोभा यात्राएं टैंकबंड हनुमान मंदिर तक निकलेंगी। पहले ही करमनघाट से मुख्य यात्रा प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने बताया कि यात्रा की सुरक्षा के लिए 3,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए विशेष बंदोबस्त (Special Arrangements) किया गया है। यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जो सीधे कमांड कंट्रोल सेंटर से जुड़े हैं।

वीर हनुमान विजय यात्रा के अवसर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
कमिश्नर ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त ड्रोन कैमरों से भी यात्रा पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से सम्पन्न हो, जैसे श्रीराम नवमी शोभायात्रा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई थी। यात्रा मार्ग पर ट्रैफिक प्रतिबंध होंगे, इसलिए वाहन चालक पुलिस का सहयोग करें और वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। इस अवसर पर एडिशनल सीपी एम. श्रीनिवासुलु, एडिशनल सीपी क्राइम एंड एसआईटी, डीसीपी गोलकोंड ज़ोन जी. चंद्रमोहन, डीसीपी ट्रैफिक अविनाश कुमार, डीसीपी ट्रैफिक काजल, और एडिशनल डीसीपी ए. श्रीनिवासराव टास्क फोर्स सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
पुलिस कमिश्नर का मतलब क्या होता है?
बड़े शहरों में कानून-व्यवस्था संभालने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को पुलिस कमिश्नर कहा जाता है। यह पद शहर की सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण और अपराध रोकने की जिम्मेदारी निभाता है। कमिश्नर के पास कई प्रशासनिक और मजिस्ट्रेटी अधिकार भी होते हैं, जिससे वह तुरंत फैसले ले सकता है और पूरे पुलिस तंत्र का नेतृत्व करता है।
वाराणसी में कुल कितने थाने हैं?
वाराणसी में थानों की संख्या समय-समय पर बदलती रहती है, क्योंकि नए थाने बनाए या पुनर्गठित किए जाते हैं। आमतौर पर यहां लगभग 25 से 30 के बीच पुलिस थाने होते हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था संभालते हैं। सटीक संख्या के लिए स्थानीय पुलिस विभाग की आधिकारिक जानकारी देखी जाती है।
कमिश्नर और डीजीपी में कौन बड़ा होता है?
पद के स्तर पर डीजीपी (Director General of Police) सबसे ऊंचा अधिकारी होता है, जो पूरे राज्य की पुलिस का प्रमुख होता है। वहीं पुलिस कमिश्नर किसी एक शहर या महानगर की जिम्मेदारी संभालता है। इसलिए अधिकार और रैंक के हिसाब से डीजीपी, कमिश्नर से बड़ा अधिकारी माना जाता है।
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