తెలుగు | Epaper

SIT : फोन टैपिंग मामला – भाजपा सांसद ने एसआईटी से त्वरित कार्रवाई की मांग

Ajay Kumar Shukla
Ajay Kumar Shukla
SIT : फोन टैपिंग मामला – भाजपा सांसद ने एसआईटी से त्वरित कार्रवाई की मांग

हैदराबाद। भाजपा के मेदक सांसद माधवनेनी रघुनंदन राव (Madhavaneni Raghunandan Rao) ने कथित फोन टैपिंग मामले में विशेष जांच दल (SIT) से जांच में तेजी लाने और दोषियों को शीघ्र जेल भेजने की मांग की है। सोमवार को गजवेल–प्रग्नापुर नगरपालिका क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान रघुनंदन राव ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) के जून 2014 में विधानसभा में दिए गए बयान को याद दिलाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘अपराध करने वाला चाहे अपना बेटा या बेटी ही क्यों न हो, उसे जेल भेजा जाएगा।’ सांसद ने कहा कि अब वही बात केसीआर पर भी लागू होती है।

कांग्रेस सरकार पर गजवेल के विकास में विफल रहने का आरोप

रघुनंदन राव ने कांग्रेस सरकार पर गजवेल के विकास में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केसीआर के कार्यकाल में गजवेल में कोई ठोस विकास नहीं हुआ और पिछले दो वर्षों में भी यह क्षेत्र उपेक्षित रहा है। केंद्रीय बजट का बचाव करते हुए भाजपा सांसद ने आलोचकों पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के सदस्य केटीआर, हरीश राव और कविता बजट को लेकर परस्पर विरोधी बयान दे रहे हैं। रघुनंदन राव ने बताया कि दक्षिण भारत के लिए स्वीकृत सात हाई-स्पीड ट्रेनों में से तीन हैदराबाद को मिली हैं। साथ ही रेलवे बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इस बार तेलंगाना को 1,300 करोड़ रुपये अतिरिक्त आवंटित किए गए हैं।

फोन टैपिंग केस का जजमेंट क्या है?

प्रसिद्ध रूप से भारत में फोन टैपिंग पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला आया था, जिसमें कहा गया कि फोन टैप करना निजता के अधिकार का उल्लंघन है। अदालत ने स्पष्ट किया कि फोन टैपिंग केवल अत्यंत गंभीर परिस्थितियों में, तय कानूनी प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही की जा सकती है। बिना वैध कारण और अनुमति के की गई टैपिंग को अवैध माना गया है।

फोन टैपिंग क्या होती है?

सामान्य रूप से फोन टैपिंग का अर्थ किसी व्यक्ति की फोन कॉल, मैसेज या डिजिटल बातचीत को गुप्त रूप से सुनना या रिकॉर्ड करना होता है। यह कार्य आम तौर पर निगरानी या जांच के उद्देश्य से किया जाता है। अगर यह कानूनी अनुमति के बिना किया जाए, तो इसे निजता का हनन और अपराध माना जाता है।

क्या पुलिस हमारे फोन को टैप कर सकती है?

कानूनन पुलिस फोन टैप तभी कर सकती है जब राष्ट्रीय सुरक्षा, गंभीर अपराध या सार्वजनिक हित से जुड़ा मामला हो। इसके लिए उच्च अधिकारी या सरकार की लिखित अनुमति आवश्यक होती है। बिना अनुमति किसी का फोन टैप करना अवैध है और संबंधित अधिकारी या व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

Read Telugu News: https://vaartha.com/

यह भी पढ़ें :

भाजपा की विद्रोही उम्मीदवारों को सख्त चेतावनी

भाजपा की विद्रोही उम्मीदवारों को सख्त चेतावनी

महिला सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता – टी. उषा रानी

महिला सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता – टी. उषा रानी

प्रजावाणी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए – आर. वी. कर्णन

प्रजावाणी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए – आर. वी. कर्णन

कांग्रेस सरकार ने मात्र दो वर्षों में तेलंगाना का कायाकल्प किया – पोंगुलेटी

कांग्रेस सरकार ने मात्र दो वर्षों में तेलंगाना का कायाकल्प किया – पोंगुलेटी

गुत्ता ने दी दीर्घकालिक अवसंरचना योजना की आवश्यकता पर ज़ोर

गुत्ता ने दी दीर्घकालिक अवसंरचना योजना की आवश्यकता पर ज़ोर

सरपंच बनने की लालच में पिता ने मासूम बेटी को मौत के घाट उतारा

सरपंच बनने की लालच में पिता ने मासूम बेटी को मौत के घाट उतारा

साइबराबाद आईटी कॉरिडोर में पैदल यात्री सुरक्षा के लिए स्काईवॉक प्रस्तावित

साइबराबाद आईटी कॉरिडोर में पैदल यात्री सुरक्षा के लिए स्काईवॉक प्रस्तावित

तेलंगाना को रेलवे विकास के लिए रिकॉर्ड 5,454 करोड़ रुपये का बजट

तेलंगाना को रेलवे विकास के लिए रिकॉर्ड 5,454 करोड़ रुपये का बजट

सीएम का केसीआर पर तंज, गलती करने पर जांच का करना होगा सामना – रेवंत रेड्डी

सीएम का केसीआर पर तंज, गलती करने पर जांच का करना होगा सामना – रेवंत रेड्डी

साइबराबाद पुलिस कमिश्नर ने ई‑ऑफिस लॉन्च किया

साइबराबाद पुलिस कमिश्नर ने ई‑ऑफिस लॉन्च किया

शहीद कांस्टेबल के परिवार को 1 करोड़ रुपए अनुग्रह राशि, सरकारी नौकरी

शहीद कांस्टेबल के परिवार को 1 करोड़ रुपए अनुग्रह राशि, सरकारी नौकरी

सरकारी कर्मचारियों के लिए 720 करोड़ रुपए जारी

सरकारी कर्मचारियों के लिए 720 करोड़ रुपए जारी

📢 For Advertisement Booking: 98481 12870