हैदराबाद। तेलंगाना सरकार के सलाहकार मोहम्मद अली शब्बीर (Mohammed Ali Shabbir) ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष हज यात्रियों के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने बताया कि हज-2026 के लिए प्रत्येक यात्री पर लगाए गए अतिरिक्त 10 हजार रुपये के हवाई किराए का भार भी राज्य सरकार वहन करेगी, जिससे हजारों यात्रियों को राहत मिली है। शनिवार को हैदराबाद स्थित हज हाउस में निजामाबाद और कामारेड्डी जिलों के हज यात्रियों (Hajj pilgrims) को राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए रवाना करने से पहले आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शब्बीर अली ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को हज यात्रियों को सहायता प्रदान करने के लिए बधाई दी।
अतिरिक्त हवाई किराए का बोझ भी उठाएगी राज्य सरकार
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने अतिरिक्त हवाई किराया लागू किया था, लेकिन मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से तेलंगाना के करीब 7 हजार हज यात्रियों को बड़ी राहत मिली। कार्यक्रम में हज कमेटी के अध्यक्ष सैयद गुलाम अफजल बियाबानी, हज कमेटी सदस्य, धर्मगुरु, अधिकारी, स्वयंसेवक और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें मोहम्मद मजीद, मुफ्ती अलीम, डॉ. मुतलक, डॉ. सैयद अकबर, फैसल और मोहम्मद जाहिद सहित कई गणमान्य लोग शामिल थे। शब्बीर अली ने बताया कि तेलंगाना के लगभग 4 हजार हज यात्री पहले ही पवित्र मक्का पहुंच चुके हैं और बाकी यात्रियों को भी चरणबद्ध तरीके से रवाना किया जा रहा है।
यात्रा के दौरान धैर्य रखने की अपील
उन्होंने हज यात्रा को अल्लाह की विशेष नेमत बताते हुए कहा कि हज के लिए चुना जाना बड़े सौभाग्य की बात है। उन्होंने हदीस का हवाला देते हुए कहा कि सही तरीके से किया गया हज इंसान को नवजात शिशु की तरह पापों से मुक्त कर देता है। उन्होंने यात्रियों से अनुशासन बनाए रखने, नियमित इबादत करने और यात्रा के दौरान धैर्य रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि हज यात्रा के दौरान यात्रा संबंधी औपचारिकताओं, इमिग्रेशन जांच और सामान प्रक्रिया को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान शांत और संयमित रहना चाहिए। शब्बीर अली ने यात्रियों से हरम शरीफ में अधिक से अधिक समय इबादत में बिताने और सफर के दौरान लगातार तलबिया पढ़ते रहने की अपील की।
हज की फीस कितनी होती है?
यात्रा का खर्च पैकेज, उड़ान, ठहरने की सुविधा और सेवा श्रेणी पर निर्भर करता है। भारत से जाने वाले लोगों के लिए आमतौर पर हज यात्रा पर लगभग 3 लाख से 6 लाख रुपये या उससे अधिक खर्च हो सकता है। सरकारी और निजी पैकेजों के अनुसार शुल्क अलग-अलग होता है।
मक्का मदीना में शैतान को पत्थर क्यों मारते हैं?
हज के दौरान किया जाने वाला यह अनुष्ठान बुराई और प्रलोभन के विरोध का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु Mina में स्थित जमारात पर कंकड़ फेंकते हैं। यह परंपरा Prophet Ibrahim की उस घटना से जुड़ी मानी जाती है, जब उन्होंने शैतान के बहकावे को ठुकराया था।
हज यात्रियों का हुआ टीकाकरण?
यात्रा पर जाने वाले लोगों के लिए कई स्वास्थ्य नियम लागू किए जाते हैं। सऊदी अरब सरकार आमतौर पर मेनिन्जाइटिस, फ्लू और कुछ परिस्थितियों में कोविड-19 जैसे टीकों को जरूरी मानती है। इसलिए अधिकांश हज यात्रियों का यात्रा से पहले स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक टीकाकरण कराया जाता है।
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