हैदराबाद। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (K. T. Rama Rao) ने कहा कि “यूरिया ऐप” कांग्रेस सरकार की अक्षमता का स्पष्ट प्रमाण है और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी ग्रामीण क्षेत्रों के प्रति दुर्भावना से काम कर रही है। शनिवार को हैदराबाद के तेलंगाना भवन में तंदूर क्षेत्र के नवनिर्वाचित बीआरएस सरपंचों, उप-सरपंचों और वार्ड सदस्यों के आत्मीय सम्मेलन में बोलते हुए केटी रामाराव ने कहा कि जनता ने कांग्रेस सरकार (Congress government) को करारा जवाब दिया है, जो पिछले दो वर्षों से राज्य के सभी वर्गों को धोखा दे रही है।
कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा डालने का लगाया आरोप
उन्होंने कांग्रेस पर कृषि क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा डालने का आरोप लगाया। केटीआर ने कांग्रेस सरकार द्वारा रैतु बंधु, रैतु बीमा और ऋण माफी जैसी महत्वपूर्ण किसान-हितैषी योजनाओं को दरकिनार करने की आलोचना की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने कृषि के लिए आवश्यक बिजली आपूर्ति को बाधित किया है, जिससे ग्रामीण जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि गांवों में बढ़ता असंतोष किसानों के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता और निष्ठा की कमी का प्रत्यक्ष परिणाम है।उर्वरक वितरण के मुद्दे पर केटीआर ने यूरिया आपूर्ति के लिए नए मोबाइल एप्लिकेशन सिस्टम का कड़ा विरोध करते हुए इसे “किसान-विरोधी नीति” करार दिया।
किसानों की लंबी कतारों को दुनिया से छिपाने की साजिश
उन्होंने इस पहल को “यूरिया ऐप ड्रामा” बताते हुए आरोप लगाया कि यह किसानों की लंबी कतारों को दुनिया से छिपाने की साजिश है। केटी रामाराव ने कहा कि जो सरकार दुकानों पर सीधे उर्वरक उपलब्ध कराने में असमर्थ है, वह अब अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए मोबाइल ऐप के जरिए किसानों को गुमराह कर रही है। केटीआर ने याद दिलाया कि केसीआर सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल में किसानों को कभी भी उर्वरक के लिए कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ा। उन्होंने मौजूदा यूरिया संकट के लिए कांग्रेस सरकार की बुनियादी योजना और दूरदृष्टि की कमी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सरकार से “कतारों को छिपाने” की कोशिशें बंद करने और वास्तविक समस्या पर ध्यान देने का आग्रह किया।
बाधाएं पैदा करना बंद करने की मांग
बीआरएस नेता ने राज्य सरकार से किसानों को तुरंत आवश्यक मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने और अनावश्यक बाधाएं पैदा करना बंद करने की मांग की। केटी रामाराव ने प्रशासन से किसानों के कल्याण के लिए ईमानदारी से काम करने का आह्वान किया, न कि इस तरह के “ऐप ड्रामा” के जरिए उनकी जिंदगी को और जटिल बनाने का। इस बैठक में पूर्व मंत्री श्रीनिवास यादव, विधायक गंगुला कमलाकर, के प्रभाकर, पूर्व विधायक पायलट रोहित रेड्डी तथा अन्य प्रमुख पार्टी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
यूरिया का क्या काम है?
कृषि में नाइट्रोजन की आपूर्ति के लिए इसका व्यापक उपयोग किया जाता है। यह पौधों की वृद्धि, पत्तियों के विकास और हरेपन में सहायक होता है। औद्योगिक क्षेत्र में रसायन, रेज़िन और प्लास्टिक बनाने में भी इसका प्रयोग किया जाता है।
यूरिया का संघटन क्या है?
रासायनिक दृष्टि से इसका सूत्र CO(NH₂)₂ होता है। इसमें कार्बन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और हाइड्रोजन तत्व शामिल होते हैं। नाइट्रोजन की मात्रा अधिक होने के कारण इसे एक महत्वपूर्ण उर्वरक माना जाता है, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक है।
दवाइयों का ऐप कौन सा है?
भारत में ऑनलाइन दवाइयों के लिए कई लोकप्रिय मोबाइल एप्लिकेशन उपयोग में हैं। टाटा 1mg, फार्मईज़ी और अपोलो 24/7 प्रमुख ऐप माने जाते हैं। इनके माध्यम से दवाइयाँ, लैब टेस्ट, डॉक्टर परामर्श और स्वास्थ्य सेवाएँ आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।
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