खम्मम। कांग्रेस सरकार की किसान समर्थक नीति को दोहराते हुए सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी (N. Uttam Kumar Reddy) ने रविवार को मुननेरु–पालेरू लिंक नहर परियोजना (Munneru–Paleru Link Canal Project) को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जनवरी 2027 तक पूरी कर मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा इसका उद्घाटन कराया जाएगा। खम्मम में मुख्यमंत्री द्वारा 162.54 करोड़ रुपए की इस परियोजना का शिलान्यास किए जाने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने इसे “कम लागत, अधिक लाभ” वाली ऐतिहासिक योजना बताया। यह गुरुत्वाकर्षण आधारित परियोजना मुननेरु नदी के अतिरिक्त बाढ़ जल को 9.6 किलोमीटर लंबी लिंक नहर के माध्यम से पालेरू जलाशय तक पहुंचाएगी, जो अब तक व्यर्थ समुद्र में चला जाता था।
सूर्यापेट जिले में 40,000 एकड़ भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा
मंत्री ने कहा कि यह परियोजना नागार्जुनसागर परियोजना (एनएसपी) की लेफ्ट कैनाल के अंतर्गत खम्मम जिले में 1.38 लाख एकड़ और सूर्यापेट जिले में 40,000 एकड़ भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा देगी। साथ ही एसआरएसपी फेज-2 जैसी योजनाओं को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से सीताराम लिफ्ट सिंचाई परियोजना में हर साल 120 करोड़ रुपए की बिजली बचत होगी। पालेरू के नीचे स्थित मौजूदा जलविद्युत संयंत्र से 2 मेगावाट बिजली उत्पादन भी होगा। इसके अलावा खम्मम, सूर्यापेट और महबूबाबाद जिलों में बाढ़ के खतरे में कमी आएगी। मंत्री ने कहा कि हर साल 4.7 टीएमसी पानी मिशन भागीरथ के लिए आरक्षित किया जाएगा, जिससे इन जिलों में पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ होगी। उन्होंने सीताराम लिफ्ट परियोजना के तेज़ी से क्रियान्वयन का भी उल्लेख किया, जिसके तहत 6.8 लाख एकड़ भूमि को गोदावरी जल मिलेगा।
रेवंत रेड्डी कौन हैं?
तेलंगाना के प्रमुख राजनेताओं में गिने जाने वाले ए. रेवंत रेड्डी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े नेता हैं। वे पहले सांसद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं तथा सक्रिय राजनीति में तेज-तर्रार शैली और जन आंदोलनों के लिए पहचाने जाते हैं।
2025 में तेलंगाना के मुख्यमंत्री कौन हैं?
वर्तमान समय में राज्य की कमान ए. रेवंत रेड्डी के हाथों में है। विधानसभा चुनावों में जीत के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और प्रशासनिक सुधार, जनकल्याण योजनाओं तथा विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।
रेड्डी कहाँ आते हैं?
दक्षिण भारत में पाई जाने वाली यह एक प्रमुख सामाजिक समुदाय मानी जाती है। मुख्य रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश क्षेत्रों में इस समुदाय की ऐतिहासिक उपस्थिति रही है, जहां कृषि, प्रशासन और राजनीति में इनका प्रभाव देखा जाता है।
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