महाराष्ट्र के गर्वनर ने सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन-पूजन किया
हैदराबाद। तेलंगाना के नए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल (Shiv Pratap Shukla) और पूर्व राज्यपाल (नवनियुक्त महाराष्ट्र राज्यपाल)जिष्णु देव वर्मा ने अपना कार्यभार संभालने के बाद मंदिर में पूजन-अर्चन किया। दोनों लोगों ने कार्यकाल की सफलता, राज्य के लोगों की सुख-शांति और तरक्की की कामना की है। तेलंगाना के नए राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, अपनी धर्मपत्नी श्रीमती जानकी शुक्ला एवं परिवार के सदस्यों के साथ लक्ष्मी नरसिम्हास्वामी मंदिर और श्री पर्वत वर्धिनी समेत रामलिंगेश्वर स्वामी मंदिर (Ramalingeshwara Swami Temple) का दर्शन करने के लिए पहुँचे। राज्यपाल के लिए विशेष पूजा एवं वेद आशिर्वचनम का आयोजन किया गया। उन्होंने तेलंगाना राज्य के लोगों की भलाई, राज्य की समृद्धि और विकास, तथा राष्ट्र की प्रगति के लिए ईश्वर से आशीर्वाद की कामना की।
राज्यपाल के पहुंचने पर पहले पुलिस ने दी सलामी
इस अवसर पर सरकारी विप एवं स्थानीय विधायक बीरैय्या इलैयाह, जिला कलेक्टर अनुराग जयंती, जिला पुलिस अधीक्षक अक्षांश यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी गवर्नर का लोक भवन में स्वागत किया। राज्यपाल के पहुंचने पर पहले पुलिस ने सलामी दी। इसके बाद वेद पंडितों और अर्चकों ने मंदिर की परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया। मंदिर प्रशासन अधिकारी भवानी शंकर के मार्गदर्शन में मुख्य अर्चक और वेद पंडितों ने पूर्ण कुम्भ से राज्यपाल का सम्मान किया। राज्यपाल ने ध्वज स्तंभ के पास मॉकी स्वामी के अंतर्मंदिर में पूजा में भाग लिया। मंदिर प्रशासन ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया, जबकि मंदिर के वारिस धर्माधिकारी ने प्रसाद प्रदान किया।
श्री सिद्धिविनायक में राज्यपाल ने पावन दर्शन कर प्राप्त किया आशीर्वाद
इसके बाद राज्यपाल दंपत्ति ने अनुबंध देवालय श्री पर्वत वर्धिनी सहित रामलिंगेश्वर स्वामी मंदिर में स्पटिक लिंग का अभिषेक किया। उधर, महाराष्ट्र के नवनियुक्त राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने श्री सिद्धिविनायक मंदिर में भगवान श्री गणेश जी के पावन दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी प्रमुख रुप से उपस्थित रहे। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के नवनियुक्त राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा इसके पूर्व तेलंगाना के राज्यपाल थे । हाल में ही उनका स्थानांतरण महाराष्ट्र के लिए हुआ है।
रामलिंगेश्वर मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?
दक्षिण भारत के कई स्थानों पर स्थित Ramalingeswara Temple से जुड़ी मान्यता है कि इसका संबंध भगवान राम से माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार लंका विजय के बाद भगवान राम ने भगवान शिव की पूजा करने के लिए शिवलिंग की स्थापना करवाई थी। बाद में विभिन्न राजाओं और शासकों ने इस मंदिर का विस्तार और पुनर्निर्माण कराया। इसलिए इसका धार्मिक महत्व राम और शिव दोनों से जुड़ा माना जाता है।
भगवान राम ने शिवलिंग की स्थापना किस धाम में की थी?
हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार Rama ने लंका विजय के बाद भगवान शिव की पूजा के लिए Ramanathaswamy Temple में शिवलिंग की स्थापना की थी। यह मंदिर तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित है और इसे हिंदू धर्म के चार प्रमुख धामों में से एक माना जाता है। यहाँ स्थापित शिवलिंग को रामनाथस्वामी के नाम से पूजा जाता है।
अमरलिंगेश्वर स्वामी मंदिर किस नदी पर है?
आंध्र प्रदेश के अमरावती में स्थित Amaralingeswara Swamy Temple प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मंदिर पवित्र Krishna River के तट पर स्थित है। मंदिर को पंचाराम क्षेत्र के प्रमुख शिव मंदिरों में भी गिना जाता है। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने और धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए आते हैं।
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