Centre-of-Excellence : सिकंदराबाद। भारतीय रेलवे में मानव संसाधन प्रबंधन (Human Resource Management) को अधिक सशक्त, आधुनिक और डेटा-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘चिराग’ नामक उत्कृष्टता केंद्र (Centre-of-Excellence) का शिलान्यास एवं शुभारंभ किया गया। यह केंद्र सिकंदराबाद के मौला-अली स्थित जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान (जेडआरटीआई) के निकट एससीआर ग्राउंड में स्थापित किया जा रहा है। यह केंद्र भारतीय रेलवे वित्तीय प्रबंधन संस्थान (आईआरआईएफएम) के अंतर्गत कार्य करेगा, जो भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा (आईआरपीएस) कैडर के लिए केंद्रीयकृत प्रशिक्षण संस्थान है।
मानव संसाधन प्रशिक्षण, अनुसंधान और डिजिटल परिवर्तन के लिए आधुनिक केंद्र का शिलान्यास
इस परियोजना का उद्घाटन रेलवे बोर्ड की अतिरिक्त सदस्य (मानव संसाधन) वी. जी. भूमा ने किया तथा प्रस्तावित भवन का शिलान्यास भी संपन्न किया। इस अवसर पर रेलवे बोर्ड की पूर्व वित्त सदस्य एवं आईआरआईएफएम की महानिदेशक अपर्णा गर्ग तथा दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी सिद्धार्थ काटी, आईआरआईएफएम के अतिरिक्त महानिदेशक सिर्रा शांति राजू, आईआरआईएसईटी के डीन लोकेश बिश्नोई, सिकंदराबाद मंडल रेल प्रबंधक डॉ. आर. गोपालकृष्णन सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे बोर्ड की महानिदेशक (मानव संसाधन) अरुणा नायर इस कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुईं और उन्होंने इस पहल को रेलवे के भविष्य के लिए डेटा-आधारित मानव संसाधन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
अनुसंधान एवं नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगा ‘चिराग’
अपर्णा गर्ग ने कहा कि ‘चिराग’ भविष्य में मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने इस परियोजना को गति देने में रेलवे बोर्ड के मानव संसाधन विभाग और आईआरआईएफएम के नेतृत्व की सराहना की। साथ ही दक्षिण मध्य रेलवे और आईआरआईएफएम की टीम के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। यह परियोजना मई 2028 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ‘चिराग’ भारतीय रेलवे की मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) क्षमताओं को मजबूत करेगा और रेलवे को डिजिटल मानव संसाधन प्रशासन में अग्रणी बनाएगा। कार्यक्रम में बताया गया कि यह केंद्र ‘मिशन कर्मयोगी’ तथा राष्ट्रीय क्षमता निर्माण आयोग के ढांचे के अनुरूप कार्य करेगा।

यह भूमिका-आधारित प्रशिक्षण, मास्टर ट्रेनर कैडर विकास, एआई एवं मशीन लर्निंग आधारित निर्णय प्रणाली, और एचआर नीति अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में कार्य करेगा। इसके साथ ही आधुनिक कंप्यूटर प्रयोगशालाएं और आईगॉट रिकॉर्डिंग स्टूडियो भी स्थापित किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन वृक्षारोपण अभियान के साथ हुआ, जिसे सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया गया।
रेलवे की 1 महीने की सैलरी कितनी होती है?
भारतीय रेलवे में पद के अनुसार वेतन अलग-अलग होता है। ग्रुप-D कर्मचारी (सफाई, ट्रैकमैन) को ₹18,000 से ₹22,000 प्रति माह, ग्रुप-C (क्लर्क, टिकट कलेक्टर, ASM) को ₹25,000 से ₹45,000 और लोको पायलट को ₹35,000 से ₹80,000 तक मिलते हैं। रेलवे अधिकारी स्तर (IRS) पर वेतन ₹56,000 से ₹2,50,000 तक हो सकता है। वेतन के साथ मुफ्त रेल यात्रा, HRA और मेडिकल सुविधाएं भी मिलती हैं।
रेलवे के पिता कौन थे?
भारतीय रेलवे के संदर्भ में लॉर्ड डलहौजी को “भारतीय रेलवे का जनक” कहा जाता है क्योंकि उन्होंने 1853 में भारत में रेलवे की नींव रखी और इसके विस्तार की योजना बनाई। 16 अप्रैल 1853 को भारत की पहली यात्री ट्रेन मुंबई से ठाणे के बीच चली थी। वहीं विश्व रेलवे के संदर्भ में जॉर्ज स्टीफेंसन को “रेलवे का पिता” कहा जाता है जिन्होंने 1825 में पहली सफल भाप इंजन ट्रेन बनाई।
क्या 12वीं पास रेलवे के लिए आवेदन कर सकते हैं?
हां, 12वीं पास उम्मीदवार रेलवे में कई पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। RRB NTPC भर्ती में जूनियर क्लर्क, टिकट कलेक्टर, ट्रैफिक असिस्टेंट और अकाउंट्स क्लर्क जैसे पदों के लिए 12वीं पास योग्यता पर्याप्त होती है। इसके अलावा रेलवे अप्रेंटिस भर्ती और कुछ ग्रुप-D पदों में भी आवेदन किया जा सकता है। आयु सीमा सामान्यतः 18 से 33 वर्ष होती है।
Read Telugu News: https://vaartha.com/
यह भी पढ़ें :