एमजीआईटी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया
हैदराबाद। महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MGIT) की महिला विकास समिति (डब्ल्यूडीसी) ने शुक्रवार को संस्थान परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम में उप-प्राचार्य प्रो. के. सुधाकर रेड्डी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि प्राचार्य डॉ. जी. चंद्रमोहन रेड्डी ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लड़कियां लड़कों के बराबर ही नहीं, बल्कि कई मामलों में उनसे आगे हैं। डब्ल्यूडीसी की अध्यक्ष डॉ. जी. माधवी ने समिति द्वारा आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनएसएस के सहयोग से महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर (Special health camps) आयोजित किए गए।
सकारात्मक माहौल बनाने में मिलती है मदद
इसके अलावा महिला संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और छात्राओं के कल्याण और सशक्तिकरण पर केंद्रित कई कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनसे आत्मविश्वास बढ़ाने, आपसी सहयोग और सकारात्मक माहौल बनाने में मदद मिलती है। मुख्य अतिथि डॉ. टी. ज्योतिर्मयी (एमएससी, पीएचडी – बायोकेमिस्ट्री), जो सीएसआईआर-सीएफटीआरआई संसाधन केंद्र, हैदराबाद की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक और प्रमुख रह चुकी हैं, ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने पर्याप्त नींद और आराम के महत्व पर बल दिया।
महिलाओं को जीवन में कई बाधाओं को तोड़ना होगा
उन्होंने छात्राओं को उद्यमिता के लिए प्रतिबद्धता, समर्पण और कड़ी मेहनत जैसे गुण विकसित करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि केवल ‘ऑर्गेनिक फूड’, ‘कोल्ड-प्रेस्ड ऑयल’ और ‘रिफाइंड फूड’ जैसे शब्दों से प्रभावित न हों, बल्कि मौसमी और स्थानीय खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें। विशिष्ट अतिथि अरुणा रागु, हेड – व्हीकल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सेंटर, एल्सटॉम, बेंगलुरु ने कहा कि महिलाओं को जीवन में कई बाधाओं को तोड़ना होगा। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परिवार का सहयोग, अच्छा कार्य वातावरण और कार्य-जीवन संतुलन जैसी सुविधाएं मिलने पर महिलाएं असाधारण उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
स्वस्थ रहने के 4 नियम क्या हैं?
स्वस्थ जीवन के लिए कुछ सरल नियमों का पालन करना आवश्यक माना जाता है। पहला, संतुलित और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए जिसमें फल, सब्जियां और अनाज शामिल हों। दूसरा, रोजाना नियमित व्यायाम या योग करना शरीर को सक्रिय और मजबूत बनाता है। तीसरा, पर्याप्त नींद लेना जरूरी है जिससे शरीर और मन को आराम मिलता है। चौथा, साफ-सफाई और मानसिक संतुलन बनाए रखना चाहिए, क्योंकि स्वच्छता और सकारात्मक सोच भी अच्छे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
स्वास्थ्य का शुद्ध शब्द क्या है?
“स्वास्थ्य” हिंदी का शुद्ध और मानक शब्द है, जिसका अर्थ शरीर और मन की अच्छी स्थिति से होता है। यह शब्द संस्कृत से आया है और इसका अर्थ होता है स्वस्थ अवस्था या रोगों से मुक्त स्थिति। सामान्य बोलचाल में लोग सेहत या तंदुरुस्ती जैसे शब्द भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन औपचारिक हिंदी में स्वास्थ्य ही सही और शुद्ध शब्द माना जाता है। अच्छा स्वास्थ्य व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से संतुलित जीवन जीने में मदद करता है।
क्या दूध स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?
दूध को पौष्टिक आहार माना जाता है क्योंकि इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं। यह हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है तथा बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए लाभकारी माना जाता है। नियमित मात्रा में दूध पीने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और मांसपेशियों के विकास में भी सहायता मिलती है। हालांकि कुछ लोगों को दूध से एलर्जी या पाचन की समस्या हो सकती है, इसलिए ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है।
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