विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को बताया कि इलेक्ट्रिक विमान बनाने की पहल की शुरुआत भारत सरकार ने की है। इसके तहत इलेक्ट्रिक हंसा नाम का एक नया दो-सीटर इलेक्ट्रिक ट्रेनर विमान बनाने की प्रक्रिया भारत ने शुरू कर दी है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है कि यह विमान पूरी तरह से भारत में ही विकसित किया जा रहा है।
एनएएल की तरफ से तैयार किया जा रहा विमान
बता दें कि यह इलेक्ट्रिक Plane बेंगलुरु स्थित सीएसआईआर-नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेट्रीज (एनएएल) की तरफ से तैयार किया जा रहा है। मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस इलेक्ट्रिक Plane की कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये होगी। यह कीमत उन विदेशी विमानों से काफी कम है जो अभी भारत में ट्रेनिंग के लिए खरीदे जाते हैं, क्योंकि विदेशी ट्रेनर विमानों की कीमत करीब 4 करोड़ रुपये होती है।
हंसा-3 (नई पीढ़ी) विमान प्रोजेक्ट का हिस्सा
इलेक्ट्रिक हंसा Plane भारत के हंसा-3 (नई पीढ़ी) Plane प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट का मकसद है कि भारत में ही कम कीमत में ऐसे ट्रेनर विमान तैयार किए जाएं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग पायलट बन सकें। इसको लेकर जितेंद्र सिंह ने आगे बताया कि यह Plane भारत के ग्रीन एविएशन (हरित विमानन) की दिशा में एक बड़ा कदम है। यानी अब भारत ऐसे Plane बनाएगा जो प्राकृतिक ऊर्जा से चलें और प्रदूषण ना करें।
जानिए ई हंसा विमान की खासियत
बात अगर अब ई-हंसा Plane के खासियत की करें तो यह बिजली से चलेगा, जिससे पेट्रोल-डीजल की जरूरत नहीं होगी। ये विमान के उड़ते समय धुआं या प्रदूषण नहीं करेगा, इसलिए यह पर्यावरण के लिए बेहतर है। इस विमान का खर्च भी कम होगा, जिससे पायलट की ट्रेनिंग सस्ती हो सकेगी। इसके साथ ही यह पूरी तरह से भारत में बना होगा, जिससे देश को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।