हैदराबाद। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party of India) के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक पल्ला वेंकट रेड्डी ने कहा कि पूर्व सांसद बोम्मागानी धर्मभिक्षम स्वतंत्रता सेनानियों और कम्युनिस्ट नेताओं के लिए आदर्श व्यक्तित्व थे। उन्होंने धर्मभिक्षम को केवल एक दल के नेता ही नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और तेलंगाना सशस्त्र संघर्ष में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले योद्धा के रूप में सराहा। धर्मभिक्षम की 104वीं जयंती के अवसर पर पल्ला वेंकट रेड्डी, पार्टी के राज्य सहायक सचिव ई.टी. नरसिम्हा (Assistant Secretary of State E.T. Narasimha), राज्य कार्यकारिणी सदस्य बोम्मागानी प्रभाकर तथा यादाद्री भुवनगिरि जिला सचिव दामोदर रेड्डी ने शहर स्थित पार्टी राज्य कार्यालय में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
धर्मभिक्षम एक महान समाज सुधारक थे
कार्यक्रम में गीता पानिवाराला संघ के समन्वय सचिव नागभूषणम, उपाध्यक्ष केवीएल, महासचिव सैलू गौड़, आरटीसी के पूर्व कार्यकारी निदेशक दोरनाला वेणु, अखिल भारतीय युवा महासंघ के राज्य अध्यक्ष सैयद वलीउल्लाह कादरी, पोलागानी रवि किशोर सहित कई नेता उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए पल्ला वेंकट रेड्डी ने कहा कि धर्मभिक्षम एक महान समाज सुधारक थे, जिन्होंने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने ताड़ी उतारने वाले श्रमिकों के अधिकारों के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर गीता कर्मिका संघों का गठन कर संघर्ष किया।
सभी दलों के नेताओं के निकट सहयोगी थे
उन्होंने कहा कि धर्मभिक्षम ने छात्र जीवन से ही अनेक युवाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित किया। ई.टी. नरसिम्हा ने कहा कि विधि की पढ़ाई के दौरान धर्मभिक्षम के विचारों से प्रभावित होकर अनेक छात्रों ने अन्य संगठनों को छोड़कर छात्र महासंघ से जुड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि धर्मभिक्षम केवल कम्युनिस्ट पार्टी ही नहीं, बल्कि सभी दलों के नेताओं के निकट सहयोगी थे। बोम्मागानी प्रभाकर ने धर्मभिक्षम को बहुआयामी प्रतिभा और उत्कृष्ट खिलाड़ी बताया। दामोदर रेड्डी ने विधायक और सांसद के रूप में उनकी सेवाओं को अविस्मरणीय बताया।
भारत के 10 शहीदों के नाम क्या हैं?
- Bhagat Singh
- Chandrashekhar Azad
- Sukhdev Thapar
- Shivaram Rajguru
- Ram Prasad Bismil
- Ashfaqulla Khan
- Khudiram Bose
- Udham Singh
- Subhas Chandra Bose
- Rani Lakshmibai
30 स्वतंत्रता सेनानियों के नाम क्या हैं?
- Mahatma Gandhi
- Jawaharlal Nehru
- Sardar Vallabhbhai Patel
- Bal Gangadhar Tilak
- Lala Lajpat Rai
- Bipin Chandra Pal
- Gopal Krishna Gokhale
- Dadabhai Naoroji
- Mangal Pandey
- Tatya Tope
- Begum Hazrat Mahal
- Annie Besant
- Sarojini Naidu
- Aruna Asaf Ali
- Chittaranjan Das
- Subramania Bharati
- Vinayak Damodar Savarkar
- Bhikaiji Cama
- Rajendra Prasad
- Khan Abdul Ghaffar Khan
- Alluri Sitarama Raju
- Matangini Hazra
- Potti Sreeramulu
- Rash Behari Bose
- Jatin Das
- Batukeshwar Dutt
- Sucheta Kriplani
- V.O. Chidambaram Pillai
- Madam C. J. Walker
- Sister Nivedita
भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी कौन थे?
देश की आजादी की लड़ाई में अनेक नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें Mahatma Gandhi, Subhas Chandra Bose, Bhagat Singh, Sardar Vallabhbhai Patel, Jawaharlal Nehru और Rani Lakshmibai जैसे महान व्यक्तित्व शामिल हैं। इन सभी ने अपने-अपने तरीके से स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत बनाया और देश को आजादी दिलाने में योगदान दिया।
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