नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने कहा है कि कप्तान के तौर पर शुभमन गिल (Shubhman Gill) दबाव का सामना करना सीख रहे हैं। गंभीर ने बताया कि गिल ने अब तक कुछ ही टेस्ट मैचों में कप्तानी की है और उन्होंने मुश्किल हालातों का अच्छे से सामना किया है, लेकिन अभी तक उन्होंने कप्तानी के सबसे कठिन दौर का सामना नहीं किया है।
गिल की कप्तानी क्षमता और दबाव में प्रदर्शन
गंभीर ने कहा कि जब कप्तानी के सबसे चुनौतीपूर्ण दिन आएंगे, और चीजें उनके हिसाब से नहीं होंगी, तब देखना होगा कि वे परिस्थितियों से कैसे निपटते हैं। गंभीर ने स्पष्ट किया कि उस समय वे उनका साथ देंगे और बोझ कम करने में मदद करेंगे, लेकिन शुभमन को अपने काम को सही तरीके से करना होगा। उन्होंने कहा कि गिल अब तक पारदर्शी, स्पष्टवादी और मेहनती तरीके से काम कर रहे हैं और उनके साथ उनका पूरा समर्थन रहेगा।
गिल की शुरुआती कप्तानी और इंग्लैंड दौरे का अनुभव
गंभीर ने बताया कि उन्हें शुभमन के साथ कप्तान के रूप में पहली बातचीत अच्छी तरह याद है। उन्होंने गिल को कहा था कि उन्हें गहरे समुद्र में फेंका गया है, जहां वे डूब सकते हैं या विश्वस्तरीय तैराक बन सकते हैं। इंग्लैंड दौरे पर उनके बनाए रन से ज्यादा महत्वपूर्ण था दबाव में उनकी कप्तानी (Captain) क्षमता। ओवल टेस्ट में मिली जीत के बाद गंभीर ने गिल को बताया कि उन्होंने अपनी सबसे कठिन परीक्षा पास कर ली है और अब चीजें आसान हो जाएंगी।
भविष्य के लिए गंभीर का भरोसा
गंभीर ने भरोसा जताया कि शुभमन गिल आगे भी कप्तानी में अपने कौशल और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, क्योंकि वे इसके पूरी तरह अधिकारी हैं।
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