नई दिल्ली । आयुष मंत्रालय ने अंकुरित चनों को डायबिटीज (Diabetes) के मरीजों के लिए सबसे बेहतर नाश्ते के रूप में सुझाया है। डायबिटीज में खानपान और नाश्ते पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, और अंकुरित चने स्वाद और पोषण दोनों में उत्कृष्ट हैं। यह सस्ता, आसानी से उपलब्ध और शरीर के लिए बेहद फायदेमंद प्राकृतिक भोजन है।
ब्लड शुगर और ऊर्जा पर लाभ
अंकुरित चने शरीर को ऊर्जा देने के साथ ब्लड शुगर (Blood Sugar) को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। अंकुरण की प्रक्रिया में चनों में पोषक तत्व कई गुना बढ़ जाते हैं।
- प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट (Antioxident) भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
- धीरे-धीरे पचने के कारण शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता।
- फाइबर ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा करता है।
- कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे टूटते हैं, जिससे दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।
- कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने से भूख कम लगती है, मोटापा घटाने और डायबिटीज नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
पाचन और इम्यून सिस्टम पर असर
अंकुरित चने पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करते हैं।
साथ ही, आयरन की मौजूदगी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है।
अंकुरित चने बनाने की आसान विधि
- रातभर काले चनों को पानी में भिगोएँ।
- सुबह पानी निकालकर गीले कपड़े में बांधकर 8–10 घंटे रखें, ताकि अंकुर निकल आए।
- इसमें सेंधा नमक, कसा हुआ अदरक, नींबू का रस और थोड़ी काली मिर्च मिलाकर सेवन करें।
आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि नियमित रूप से अंकुरित चने का सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए वरदान के समान है। यह शुगर को नियंत्रित रखता है और पूरे शरीर को ऊर्जावान व स्वस्थ बनाता है।
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