Javed Akhtar : प्रसिद्ध गीतकार और पटकथा लेखक Javed Akhtar ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक डीपफेक वीडियो को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने कहा कि इस वीडियो में उन्हें गलत तरीके से दिखाया गया है और यह पूरी तरह से झूठा है।
जावेद अख्तर ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लिखा कि एक फर्जी वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें उनके कंप्यूटर जनरेटेड चेहरे को दिखाकर यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने ईश्वर में आस्था व्यक्त की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी तरह बकवास और भ्रामक है।
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उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की झूठी खबरें उनकी (Javed Akhtar) प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचा रही हैं। जावेद अख्तर ने संकेत दिया कि वे इस मामले को साइबर पुलिस के पास ले जाने और इस फर्जी वीडियो को बनाने व आगे साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
हाल ही में नई दिल्ली में ‘क्या ईश्वर का अस्तित्व है?’ विषय पर एक सार्वजनिक बहस हुई थी, जिसमें जावेद अख्तर ने अपने धर्मनिरपेक्ष और नास्तिक विचारों को रखा था। इस बहस में इस्लामी विद्वान मुफ्ती शमाइल नदवी ने धार्मिक और दार्शनिक तर्कों के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए थे। यह बहस सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही।
इसी संदर्भ में जावेद अख्तर ने कहा कि उनके विचारों को तोड़-मरोड़कर पेश करना और डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग करना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे भ्रामक वीडियो और झूठी सूचनाओं पर विश्वास न करें।
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