नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी राज्य सिक्किम (Sikkim) में शनिवार सुबह भूकंप के झटकों से लोग दहल उठे। राज्य के सोरेंग शहर और आसपास के इलाकों में आज तड़के धरती हिलती महसूस की गई। भूकंप (Earthquake) की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.9 मापी गई है। यह भूकंप सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर आया।
घरों से बाहर निकले लोग, कुछ देर तक अफरा-तफरी
भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग दहशत में आ गए और एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने बताया कि हल्के कंपन के साथ दरवाजे और खिड़कियां हिलने लगीं, जिससे डर का माहौल बन गया। हालांकि कुछ ही सेकंड में झटके थम गए।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने दी जानकारी
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भूकंप की पुष्टि की है। केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र सोरेंग के पास जमीन के अंदर लगभग 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। कम गहराई पर आए भूकंप के कारण झटके महसूस किए गए, हालांकि तीव्रता अधिक नहीं थी।
जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं
अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है सिक्किम
गौरतलब है कि सिक्किम भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यहां पहले भी कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं, इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।
भूकंप के दौरान क्या करें, क्या न करें
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही भूकंप की तीव्रता कम हो, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है।
- झटके महसूस होने पर खुले स्थान पर जाने की कोशिश करें
- लिफ्ट का इस्तेमाल न करें
- बिजली के खंभों और भारी संरचनाओं से दूर रहें
- अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें
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प्रशासन अलर्ट, हालात सामान्य
फिलहाल सोरेंग और आसपास के इलाकों में हालात पूरी तरह सामान्य बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
भूकंप का जनक कौन था?’
भूकंप विज्ञान के जनक’ डबलिन निवासी रॉबर्ट मैलेट नामक एक आयरिश व्यक्ति थे। उन्होंने 1800 के दशक के मध्य में किलिनी बीच पर डायनामाइट का उपयोग करके भूकंप विज्ञान पर वैज्ञानिक अध्ययन किया और उन्हें भूकंप विज्ञान और उपरिकेंद्र जैसे शब्दों का आविष्कार करने का श्रेय दिया जाता है।
भूकंप किसे कहते हैं?
पृथ्वी की सतह का अचानक और तेज़ कंपन है, जो पृथ्वी के अंदरूनी हिस्से से ऊर्जा के मुक्त होने के कारण होता है, जिससे भूकंपीय तरंगें निकलती हैं और ज़मीन में हलचल होती है, जिससे ज़मीन हिलने लगती है।
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