Venezuela gold transfer : वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उनसे जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। जिस समय देश गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था, उसी दौरान मादुरो पर हजारों करोड़ रुपये मूल्य का सोना विदेश भेजने के आरोप लगे हैं। यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 2012–13 के बाद वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई थी। सरकार देश को संभालने के लिए सोने की बिक्री पर विचार कर रही थी। इसी दौरान, 2013 से 2016 के बीच वेनेजुएला के केंद्रीय बैंक से लगभग 113 मीट्रिक टन सोना स्विट्ज़रलैंड भेजा गया। भारतीय मुद्रा में इसकी अनुमानित कीमत करीब 46 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है।
स्विस ब्रॉडकास्टर ‘एसआरएफ’ ने पुष्टि की है कि यह सोना वेनेजुएला के सेंट्रल बैंक के भंडार से ही भेजा गया था। चूंकि स्विट्ज़रलैंड दुनिया का प्रमुख गोल्ड रिफाइनिंग केंद्र है, इसलिए वहां सोने को शुद्ध करने और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन के लिए भेजे जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि मादुरो ने यह सोना निजी हितों के लिए भी इस्तेमाल किया हो सकता है।
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2017 के बाद अचानक इन सोने के निर्यातों पर रोक लग गई। (Venezuela gold transfer) विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोपीय संघ द्वारा वेनेजुएला पर लगाए गए प्रतिबंध इसके पीछे मुख्य कारण थे। मानवाधिकार उल्लंघन और लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोपों के चलते कई वेनेजुएलाई नेताओं पर प्रतिबंध लगाए गए। 2018 के बाद स्विट्ज़रलैंड ने भी इन प्रतिबंधों को लागू किया।
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, उनके और उनके करीबी 36 लोगों की संपत्तियों को स्विस बैंकों ने फ्रीज कर दिया है। इन संपत्तियों की कुल कीमत अभी सामने नहीं आई है। यह भी जांच का विषय है कि क्या इन संपत्तियों का कोई संबंध केंद्रीय बैंक से भेजे गए सोने से है।
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