मैदान छोड़कर गई सेनेगल ने जीता खिताब
स्पोर्ट्स डेस्क: मैच के निर्णायक क्षणों में रेफरी ने मेजबान मोरक्को के पक्ष(Africa) में एक विवादित पेनल्टी का फैसला सुनाया। इस फैसले से सेनेगल(Senegal) के खिलाड़ी इतने नाराज हुए कि उन्होंने विरोध स्वरूप मैदान छोड़ दिया। लगभग 14 मिनट तक खेल पूरी तरह रुका रहा और स्टेडियम में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। अंततः कप्तान सादियो माने के हस्तक्षेप और समझाने के बाद टीम खेल भावना का परिचय देते हुए मैदान पर वापस लौटी।
साडियो माने की कप्तानी और शानदार वापसी
मैदान पर लौटने के बाद सेनेगल ने जबरदस्त मानसिक मजबूती दिखाई। मोरक्को(Morocco) के स्टार खिलाड़ी ब्राहिम डियाज पेनल्टी को गोल में बदलने में नाकाम रहे, जिसका श्रेय सेनेगल के गोलकीपर के शानदार(Africa) बचाव को जाता है। निर्धारित समय तक स्कोर 0-0 रहने के बाद मैच एक्स्ट्रा टाइम में गया, जहाँ 94वें मिनट में पाप गुए ने गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 से ऐतिहासिक बढ़त दिला दी।
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सेनेगल का दूसरा खिताब और पुराना इतिहास
इस जीत के साथ सेनेगल ने अपना दूसरा अफ्रीका कप खिताब जीतकर महाद्वीप पर अपनी बादशाहत साबित की। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इस टूर्नामेंट में विवाद हुआ हो; इससे पहले 2022 में समय(Africa) से पहले मैच खत्म करने और 2010 में सुरक्षा संबंधी गंभीर मामले सामने आ चुके हैं। सोशल मीडिया पर इस फाइनल को ‘अफ्रीका कप का सबसे विवादित लेकिन रोमांचक’ मुकाबला बताया जा रहा है।
सेनेगल के खिलाड़ियों ने मैच के दौरान मैदान क्यों छोड़ा था?
मैच के अंतिम समय में रेफरी द्वारा मोरक्को(Africa) के पक्ष में एक विवादित पेनल्टी दिए जाने के विरोध में सेनेगल की पूरी टीम गुस्से में मैदान से बाहर चली गई थी। कप्तान सादियो माने के समझाने पर खिलाड़ी 14 मिनट बाद वापस लौटे।
फाइनल मुकाबले का निर्णायक गोल किसने किया?
एक्स्ट्रा टाइम के 94वें मिनट में सेनेगल के खिलाड़ी पाप गुए ने गोल किया, जो अंत में निर्णायक साबित हुआ और सेनेगल ने 1-0 से मैच जीत लिया।
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