तेहरान। अमेरिका की ओर से लगातार दी जा रही हमले की धमकियों के बीच चीन ने ईरान (Iran) की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। इसी कड़ी में बीते करीब चार दिनों में चीन के 16 Y-20 सैन्य कार्गो विमान तेहरान में उतारे गए हैं। इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर एक नए युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है।
चार दिनों में 16 चीनी सैन्य विमान तेहरान पहुंचे
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट और मीडिया रिपोर्ट (Media Report) के हवाले से बताया जा रहा है कि बेहद कम समय में 16 चीनी Y-20 कार्गो विमानों की लैंडिंग ईरान में कराई गई है। अचानक इतने बड़े पैमाने पर सैन्य विमानों और युद्ध से जुड़े साजो-सामान का एक देश से दूसरे देश भेजा जाना सभी के लिए चौंकाने वाला माना जा रहा है।
अमेरिकी हमले की आशंका के बीच ईरान की सैन्य तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, संभावित अमेरिकी हमले (America Attack) को देखते हुए ईरान ने बड़े पैमाने पर रक्षा और जवाबी कार्रवाई की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी बीच चीन का इस तरह खुलकर सामने आना इस पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना रहा है।
ईरान-अमेरिका तनाव की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ईरान में जारी हिंसा और बड़ी संख्या में मौतों के बाद, प्रदर्शनकारियों और अन्य आरोपियों को फांसी देने की घोषणा पर अमेरिका ने सीधे सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी। ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामेनेई ने इन मौतों के लिए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया था।
ट्रंप-खामेनेई की बयानबाजी से बढ़ी तल्खी
खामेनेई के बयान से भड़के ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर उन्हें सत्ता से बेदखल करने का दावा किया था। इस तीखी बयानबाजी के बीच अमेरिका के सहयोगी देशों ने ट्रंप से संयम बरतने और हमला न करने की अपील की थी।
फांसी की योजना टली, अमेरिका ने हमला फिलहाल टाला
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जानकारी दी थी कि करीब 800 लोगों को फांसी देने की योजना को रोक दिया गया है। इसके बाद व्हाइट हाउस का रुख कुछ नरम पड़ा और ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई फिलहाल टालने का ऐलान किया।
चीन की एंट्री से फिर बढ़ी युद्ध की आशंका
हालांकि हालात शांत होते नजर आ रहे थे, लेकिन इसी बीच अचानक चीन के रहस्यमयी सैन्य विमानों की तेहरान में लैंडिंग ने पूरे समीकरण को बदल दिया। इसके बाद सामने आई रिपोर्ट में दावा किया गया कि चार दिनों में चीन के 16 Y-20 सैन्य कार्गो विमान ईरान पहुंचे हैं।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ी हलचल, सबकी नजरें अगले कदम पर
चीन की इस संभावित सैन्य मदद के बाद तेहरान के तेवर बदले हुए नजर आ रहे हैं और एक बार फिर से जंग के आसार बढ़ते दिख रहे हैं। इस घटनाक्रम से पूरे मिडिल ईस्ट में हलचल तेज हो गई है।फिलहाल इस मामले में किसी भी देश की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट लगातार संभावित युद्ध को लेकर अंदेशा जता रही हैं। अब सबकी नजरें ट्रंप और खामेनेई के अगले बयान और कदम पर टिकी हैं।
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