Iran protests : ईरान में हाल ही में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद वहां की सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विरोध में शामिल हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया था और शुरुआत में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा देने की तैयारी भी की गई थी। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय दबाव और अमेरिका के हस्तक्षेप के बाद इस फैसले को रोक दिया गया। इसके बावजूद, जेलों में बंद प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं।
कुछ हफ्ते पहले ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोग सड़कों पर उतरे थे। इन आंदोलनों को दबाने के लिए सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई की। आधिकारिक (Iran protests) आंकड़ों के मुताबिक, इन झड़पों में करीब 500 सुरक्षाकर्मियों सहित 5,000 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
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अज्ञात इंजेक्शन देने के आरोप
प्रदर्शनकारियों को बड़े पैमाने पर हिरासत में लेकर जेलों में रखा गया है। मौत की सजा भले ही फिलहाल रोक दी गई हो, लेकिन हिरासत केंद्रों में कैदियों के साथ बर्बर व्यवहार किए जाने की खबरें सामने आई हैं। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैदियों को नग्न खड़ा कर ठंडे पानी की बौछार की जाती है।
इतना ही नहीं, कई कैदियों को अज्ञात इंजेक्शन दिए जा रहे हैं, जिनके बारे में यह भी नहीं बताया जा रहा कि वे किस दवा के हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इन इंजेक्शनों का कैदियों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। इन खुलासों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की आलोचना तेज हो गई है।
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