महिला सुरक्षा पहलों को मज़बूत करने पर हुआ मंथन
हैदराबाद। तेलंगाना पुलिस के महिला सुरक्षा विंग (Women Safety Wing) ने बुधवार को कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े नेताओं, गैर-सरकारी संगठनों और परोपकारी संस्थाओं के साथ एक उच्चस्तरीय हितधारक बैठक का आयोजन किया। बैठक का उद्देश्य राज्य भर में महिला सुरक्षा पहलों को सशक्त बनाने के लिए सहयोगात्मक प्रयासों पर विचार-विमर्श करना रहा। बैठक में समाधान की कमियों, बड़े स्तर पर लागू की जा सकने वाली पहलों और प्रभावी साझेदारी मॉडल (Model) पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किस प्रकार के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सुरक्षित आवागमन, न्याय तक पहुंच और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए टिकाऊ एवं परिणामोन्मुख कार्यक्रम विकसित किए जा सकते हैं।
महिला सुरक्षा विंग की मौजूदा पहलों की भी दी जानकारी
महिला सुरक्षा विंग की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) ने बैठक के दौरान उन प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया, जहां सीएसआर साझेदारियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इनमें अपराध की रोकथाम, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली, पीड़ितों का पुनर्वास तथा क्षमता निर्माण शामिल हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा विंग की मौजूदा पहलों की भी जानकारी दी, जिनमें ‘भरोसा सेंटर’, कौशल विकास कार्यक्रम, सर्वाइवर सपोर्ट सर्विसेज, सामुदायिक जागरूकता अभियान और तकनीक आधारित सुरक्षा पहलें प्रमुख हैं। बैठक को महिला सुरक्षा के लिए एक मजबूत सहयोगी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें महिला सुरक्षा विंग, कॉर्पोरेट जगत, नागरिक समाज, सुरक्षा परिषदों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए कौन-कौन सी धाराएँ हैं?
भारतीय कानून में महिलाओं की रक्षा हेतु कई प्रावधान मौजूद हैं। इनमें दहेज प्रतिषेध, घरेलू हिंसा से संरक्षण, यौन उत्पीड़न, बलात्कार, पीछा करना, एसिड अटैक और तस्करी से संबंधित धाराएँ शामिल हैं, जिनका उद्देश्य अपराध रोकना और पीड़ित को न्याय दिलाना है।
हाल ही में जारी महिला शांति और सुरक्षा इंडेक्स 2025-26 में कौन शीर्ष पर रहा है?
वैश्विक स्तर पर तैयार इस सूचकांक में डेनमार्क पहले स्थान पर रहा है। यह रैंकिंग महिलाओं की सुरक्षा, शांति, समानता, राजनीतिक भागीदारी और न्याय तक पहुंच जैसे मानकों के आधार पर तय की जाती है, जिससे देशों में महिलाओं की स्थिति का आकलन होता है।
औरतों की सहायता के लिए कौन सा मोबाइल नंबर है?
आपात स्थिति में महिलाओं के लिए 181 एक प्रमुख हेल्पलाइन नंबर है। इसके अलावा 1091 और 112 जैसे नंबर भी सहायता के लिए उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग उत्पीड़न, हिंसा, डर या किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत मदद पाने के लिए किया जा सकता है।
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