निवेश की सुरक्षित चमक और औद्योगिक मांग का असर
नई दिल्ली: जनवरी 2026 में कीमती धातुओं(Precious Metals) की कीमतों(Gold Silver) ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोने और चांदी को प्राथमिकता दी है, जिससे कीमतों में अभूतपूर्व उछाल आया है।
सोने में ऐतिहासिक उछाल: ₹1.55 लाख के पार
23 जनवरी 2026 को सोने की कीमतों ने ₹1,55,428 प्रति 10 ग्राम का नया ऑल-टाइम हाई छुआ। महज 23 दिनों के भीतर सोने(Gold Silver) के दाम में ₹22,000 से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस तेजी के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ग्रीनलैंड विवाद से जुड़ी धमकियां और रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी (₹91.41 प्रति डॉलर) प्रमुख कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार(International Market) में तनाव बढ़ने से निवेशक शेयर बाजार के बजाय सोने को ‘सेफ हेवन’ मानकर पैसा लगा रहे हैं।
चांदी की धुआंधार रैली: ₹3.19 लाख प्रति किलो
चांदी की कीमतों ने सोने से भी अधिक रफ्तार दिखाई है। शुक्रवार को चांदी ₹19,249 बढ़कर ₹3,18,960 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी में इस तेजी का मुख्य कारण सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि इसकी औद्योगिक मांग(Gold Silver) है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में चांदी का अनिवार्य उपयोग होने के कारण इसकी मांग सप्लाई के मुकाबले बहुत ज्यादा बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति रही तो चांदी इस साल ₹4 लाख का स्तर भी छू सकती है।
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भविष्य का अनुमान: क्या और बढ़ेंगे दाम?
बाजार विशेषज्ञों और रिसर्च फर्मों के अनुसार, 2026 कीमती धातुओं के लिए ऐतिहासिक साल साबित हो सकता है। डॉ. रेनिशा चैनानी और सैमको सिक्योरिटीज जैसे विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि वैश्विक व्यापार युद्ध और मध्य पूर्व का तनाव कम नहीं हुआ, तो सोना ₹1.90 लाख तक जा सकता है। वहीं, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने का भंडार(Gold Silver) बढ़ाने की होड़ भी कीमतों को नीचे नहीं आने दे रही है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे कीमतों में आने वाली हर छोटी गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देखें।
भारत में सोने की कीमतों में इतनी तेजी आने के दो सबसे बड़े स्थानीय कारण क्या हैं?
पहला कारण रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार से सोना खरीदना महंगा(Gold Silver) हो गया है। दूसरा कारण भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सहित दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार और भारी खरीदारी है।
चांदी को इस समय सोने से बेहतर निवेश क्यों माना जा रहा है?
चांदी में तेजी के पीछे ‘दोहरी ताकत’ है। यह न केवल एक सुरक्षित निवेश है, बल्कि ग्रीन एनर्जी (सोलर) और भविष्य की तकनीक (EV) के लिए एक अनिवार्य कच्चा माल भी है। इसकी औद्योगिक मांग इतनी अधिक है कि विशेषज्ञों को इसमें सोने की तुलना में अधिक रिटर्न की संभावना दिख रही है।
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