बजट 2026 और रविवार का विशेष ट्रेडिंग सेशन
मुंबई: यह हफ्ता भारतीय शेयर बाजार(Share Market) के लिए साल का सबसे बड़ा हफ्ता होने वाला है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट पेश करेंगी। निवेशकों को उम्मीद है कि इस बार मध्यम वर्ग को टैक्स में राहत मिलेगी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया जाएगा। बजट के महत्व को देखते हुए इस बार रविवार को भी बाजार खुला रहेगा, जिसके लिए NSE और BSE ने विशेष ट्रेडिंग सेशन की घोषणा की है। पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद, बजट से बाजार को रिकवरी की उम्मीद है।
ग्लोबल संकेत और अमेरिकी फेड रिजर्व का फैसला
घरेलू कारकों के अलावा, इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी हलचल होने वाली है। 27 और 28 जनवरी को अमेरिकी फेडरल रिजर्व (FOMC) की बैठक होगी। हालांकि ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद कम है, लेकिन फेड चेयरमैन के भविष्य के संकेतों का भारतीय बाजार(Share Market) पर गहरा असर पड़ेगा। इसके साथ ही डॉलर इंडेक्स की मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार हो रही बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया हुआ है। अगर बजट में सकारात्मक घोषणाएं होती हैं, तो विदेशी निवेशकों की वापसी संभव है।
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कॉर्पोरेट नतीजे और ऑटो सेक्टर के आंकड़े
इस हफ्ते देश की दिग्गज कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे आने वाले हैं, जिनमें मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और अडाणी पोर्ट्स जैसी 500 से ज्यादा कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा 1 फरवरी को ही ऑटो कंपनियों(Share Market) के जनवरी महीने के बिक्री आंकड़े जारी होंगे, जिससे ऑटो शेयरों की चाल तय होगी। क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मैन्युफैक्चरिंग PMI डेटा भी आर्थिक सेहत का संकेत देंगे, जो यह तय करेंगे कि निफ्टी अपनी खोई हुई बढ़त वापस पा सकेगा या नहीं।
इस बार बजट के दिन (रविवार) शेयर बाजार क्यों खुला रहेगा?
बजट एक बड़ी आर्थिक घटना है जिसका बाजार(Share Market) पर गहरा असर होता है। निवेशकों को बजट की घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने और रिस्क मैनेजमेंट का मौका देने के लिए NSE/BSE ने रविवार, 1 फरवरी को स्पेशल ट्रेडिंग सेशन रखने का फैसला किया है।
विदेशी निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से पैसा क्यों निकाल रहे हैं?
इसके दो प्रमुख कारण हैं-पहला डॉलर इंडेक्स में मजबूती और दूसरा चीन के बाजारों में सुधार। विदेशी निवेशक बेहतर रिटर्न की उम्मीद में भारत से पैसा निकालकर अन्य उभरते बाजारों या अमेरिकी डॉलर में लगा रहे हैं।
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