Zoho: जोहो का नया ईआरपी लॉन्च

Read Time:  1 min
Zoho
Zoho
FONT SIZE
GET APP

बिजनेस मैनेज करना होगा आसान, ओरेकल और माइक्रोसॉफ्ट को मिलेगी टक्कर

नई दिल्ली: जोहो कॉर्पोरेशन(Zoho) ने अपना इंटीग्रेटेड एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। 63 अरब डॉलर के इस विशाल बाजार में जोहो का लक्ष्य उन कंपनियों को एक किफायती और सरल विकल्प देना है, जो वर्तमान ईआरपी सिस्टम की जटिलता और भारी खर्च से परेशान हैं। यह सॉफ्टवेयर किसी भी कंपनी के फाइनेंस, स्टॉक, सेल्स और एचआर जैसे महत्वपूर्ण विभागों को एक ही छत के नीचे लाता है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डायरेक्ट बैंकिंग की सुविधा

जोहो(Zoho) ईआरपी की सबसे बड़ी खासियत इसमें शुरू से ही जुड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है। इसके जरिए यूजर वॉयस कमांड (आवाज) से काम कर सकते हैं और भविष्य के बिजनेस रुझानों का सटीक अंदाजा लगा सकते हैं। इसके अलावा, इसमें डायरेक्ट बैंकिंग इंटीग्रेशन दिया गया है, जिससे कंपनियों को पेमेंट और कलेक्शन के लिए किसी तीसरे पक्ष (Third Party) के सॉफ्टवेयर की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सीधे बैंक से जुड़कर हिसाब-किताब को रीयल-टाइम में अपडेट करता है।

भारतीय बिजनेस और टैक्स नियमों के अनुकूल

भारतीय व्यवसायों को ध्यान में रखते हुए जोहो ने इसमें GST और ई-इनवॉइसिंग का पूरा सपोर्ट दिया है। इसके पेरोल मैनेजमेंट सिस्टम में ईपीएफ (EPF), ईएसआई (ESI), टीडीएस (TDS) और लेबर वेलफेयर फंड जैसे नियमों(Zoho) का पालन अपने आप (Automated) होता है। यह न केवल समय बचाता है, बल्कि कानूनी गलतियों की गुंजाइश को भी खत्म करता है। साथ ही, यह वैश्विक मानकों जैसे IFRS 15 के अनुरूप रेवेन्यू की सटीक जानकारी देता है।

अन्य पढ़े: रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर

स्वदेशी विकास और ग्रामीण रोजगार पर जोर

जोहो(Zoho) के को-फाउंडर श्रीधर वेम्बु के मुताबिक, इस ईआरपी को बनाने वाली टीम का एक बड़ा हिस्सा तमिलनाडु के कुंभकोणम स्थित रीजनल ऑफिस में काम करता है। कंपनी का लक्ष्य केवल सॉफ्टवेयर बेचना नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देना भी है। कुंभकोणम में फिलहाल 200 कर्मचारी इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, और कंपनी वहां 2000 लोगों की क्षमता वाला एक नया सेंटर बनाने की योजना बना रही है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी विकास का एक बड़ा उदाहरण बनेगा।

जोहो ईआरपी पारंपरिक ईआरपी सिस्टम (जैसे ओरेकल या माइक्रोसॉफ्ट) से कैसे अलग है?

इस पारंपरिक सिस्टम के मुकाबले कम जटिल और किफायती है। इसमें एआई (AI) को शुरुआत से ही शामिल किया गया है और इसमें डायरेक्ट बैंकिंग की सुविधा है, जिससे किसी बाहरी कंसल्टेंट या एडिशनल सॉफ्टवेयर पर निर्भरता कम हो जाती है।

जोहो ईआरपी में पेरोल मैनेजमेंट को लेकर क्या खास सुविधाएं दी गई हैं?

इसमें भारतीय नियमों जैसे ईपीएफ, ईएसआई, टीडीएस और प्रोफेशनल टैक्स का ऑटोमेटेड कंप्लायंस शामिल है। यह सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों की सैलरी समय पर प्रोसेस हो और सभी सरकारी टैक्स नियमों का पालन बिना किसी मानवीय त्रुटि के हो सके।

अन्य पढ़े:

Dhanarekha

लेखक परिचय

Dhanarekha

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।