चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित
हैदराबाद। तेलंगाना में आगामी नगर पालिका एवं नगर निगम चुनावों के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में भाजपा तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव (N. Ramchander Rao) ने सोमवार को पार्टी के राज्य कार्यालय में चुनाव प्रबंधन समिति की अहम बैठक आयोजित की। बैठक में चुनावों के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीतियों, संगठनात्मक कार्ययोजनाओं, प्रचार अभियान की रूपरेखा और विभिन्न स्तरों पर समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनावी मैदान में प्रभावी ढंग से उतरने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

शहरी मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर
इस महत्वपूर्ण बैठक में महाराष्ट्र के मंत्री एवं चुनाव प्रभारी आशीष शेलार, राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं चुनाव सह-प्रभारी अशोक परनामी सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। नेताओं ने चुनावी प्रबंधन, बूथ स्तर की मजबूती और शहरी मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि नगर निकाय चुनावों में पार्टी मजबूत संगठन और सुनियोजित रणनीति के साथ जनता के बीच जाएगी और शहरी क्षेत्रों में भाजपा की स्थिति को और सुदृढ़ किया जाएगा।
नगर निकाय का क्या अर्थ है?
उस स्थानीय स्वशासन संस्था को कहा जाता है, जो शहरों और कस्बों के प्रशासन, विकास और नागरिक सुविधाओं की देखरेख करती है। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वच्छता, पानी, सड़क, प्रकाश, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सेवाएँ उपलब्ध कराना होता है। नगर निकाय राज्य सरकार के अधीन काम करते हैं, लेकिन इन्हें अपने स्तर पर निर्णय लेने और योजनाएँ लागू करने का अधिकार भी होता है।
नगर निकाय कितने प्रकार के होते हैं?
भारत में नगर निकाय मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं। पहला, नगर निगम, जो बड़े महानगरों में होता है। दूसरा, नगर परिषद या नगरपालिका, जो मध्यम आकार के शहरों के लिए गठित होती है। तीसरा, नगर पंचायत, जो ऐसे क्षेत्रों में होती है जो गाँव से शहर में परिवर्तित हो रहे हों। जनसंख्या और शहरी विकास के स्तर के आधार पर इनका गठन किया जाता है।
नगर निकायों के कार्य क्या हैं?
प्रमुख कार्यों में सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, पीने के पानी की आपूर्ति, सड़कों का निर्माण और रखरखाव शामिल है। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक शौचालय, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, स्वास्थ्य सेवाएँ, पार्क और बाजारों का संचालन भी इनके जिम्मे होता है। शहरी विकास योजनाओं को लागू करना और नागरिकों से कर व शुल्क वसूलना भी नगर निकायों का अहम कार्य है।
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