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PAK- 35 साल बाद बांग्लादेश को नया पीएम, भारत की नजरें टिकीं

Anuj Kumar
Anuj Kumar
PAK- 35 साल बाद बांग्लादेश को नया पीएम, भारत की नजरें टिकीं

बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को संसदीय चुनाव होने वाले हैं। पूर्व पीएम शेख हसीना (PM Seikh Haseena) के देश छोड़ने और खालिदा जिया के निधन के बाद यह पहला चुनाव है। 1991 से 2024 तक बांग्लादेश की राजनीति में इन दो नेताओं का दबदबा रहा। इसके बाद 35 साल बाद देश को नया प्रधानमंत्री मिलेगा।

शेख हसीना की पार्टी को चुनाव में रोक

शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव में हिस्सा लेने की इजाजत नहीं है। चुनाव आयोग (Election Commission) का कहना है कि 2024 में हुए छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में पार्टी की भूमिका की वजह से यह फैसला लिया गया है।

चुनाव का असर दक्षिण एशिया पर

विशेषज्ञों का कहना है कि बांग्लादेश के ये चुनाव सिर्फ देश की राजनीति ही नहीं, बल्कि पूरे साउथ एशिया की डिप्लोमेसी और पावर बैलेंस को बदल सकते हैं। भारत, पाकिस्तान और चीन भी इन चुनाव पर नजर बनाए हुए हैं।

बांग्लादेश की बदलती विदेश नीति

हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश की विदेश नीति में बड़ा बदलाव आया है। भारत के साथ रिश्ते अब अपने सबसे निचले स्तर पर हैं, जबकि पाकिस्तान के साथ संबंध बेहतर हुए हैं और चीन के साथ रणनीतिक रिश्ते और मजबूत हुए हैं। इस दौरान हिंदुओं पर हमले और मंदिरों की तोड़फोड़ की घटनाओं ने भारत की चिंता बढ़ा दी।

सीमा और सुरक्षा तनाव

भारत और बांग्लादेश की बॉर्डर पर बीएसएफ और बीजीबी के बीच तनाव बढ़ा। तस्करी और सीमा बाड़ को लेकर बहस हुई। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद हिंसा फैली और भारत के खिलाफ माहौल बना।

व्यापार और कनेक्टिविटी में सुधार

2025 में कराची और चटगांव के बीच कॉर्गो जहाज सेवा फिर से शुरू हुई और 2026 की शुरुआत में ढाका और कराची के बीच कई साल बाद सीधी फ्लाइट्स शुरू हुईं। वीजा नियम आसान हुए और दोनों देशों ने कई मुद्दों पर तालमेल बढ़ाया।

चीन के साथ करीबी संबंध

2025 में बांग्लादेश और चीन के बीच व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और सैन्य तकनीक समझौते दोनों देशों के बीच रिश्तों को मजबूत कर रहे हैं।

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चुनाव का रणनीतिक महत्व

बांग्लादेश का आम चुनाव तय करेगा कि देश भारत के करीब रहेगा या पाकिस्तान और चीन की तरफ झुकेगा। इससे साउथ एशिया का पावर बैलेंस बदल सकता है। बांग्लादेश भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को चारों तरफ से घेरता है, जिससे यह क्षेत्र भारत के लिए रणनीतिक रूप से संवेदनशील बन जाता है।

भारत-चीन रणनीतिक खींचतान

चीन ने बांग्लादेश में बंदरगाह, सड़क, बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया है। बांग्लादेश का चीन के करीब जाना भारत के लिए रणनीतिक झटका हो सकता है, खासकर बंगाल की खाड़ी और इंडियन ओशन रीजन में।

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