बाजार का हाल: भारी गिरावट का रुख
नई दिल्ली: पिछले 13 दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों(Gold) में भारी कमी देखने को मिली है। चांदी, जो 29 जनवरी को अपने उच्चतम स्तर(Highest level) ₹3,85,933 प्रति किलो पर थी, अब ₹1.27 लाख सस्ती होकर ₹2.58 लाख के करीब आ गई है। इसी तरह, सोने की कीमतों में भी लगभग ₹20,000 की गिरावट दर्ज की गई है। यह उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए खरीदारी का एक संभावित अवसर या सतर्क रहने का संकेत हो सकता है।
कीमतों में अंतर और शुद्धता की पहचान
विभिन्न शहरों में सोने-चांदी के रेट अलग होने का मुख्य कारण उन पर लगने वाला GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का अपना मुनाफा (मार्जिन) होता है। खरीदारी(Gold) करते समय हमेशा BIS हॉलमार्क और अल्फान्यूमेरिक कोड की जांच करना अनिवार्य है। इसके अलावा, चांदी की शुद्धता जांचने के लिए चुंबक (मैग्नेट) टेस्ट और बर्फ (आइस) टेस्ट जैसे आसान घरेलू तरीके अपनाए जा सकते हैं ताकि आप धोखाधड़ी से बच सकें।
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निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
सोना खरीदते समय केवल भाव देखना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके वजन और कैरेट (24K, 22K या 18K) की सही जानकारी होना भी जरूरी है। IBJA द्वारा जारी रेट्स का उपयोग(Gold) रिजर्व बैंक और अन्य बैंक गोल्ड लोन तय करने के लिए करते हैं, इसलिए इन्हें एक विश्वसनीय मानक माना जाना चाहिए। किसी भी बड़े निवेश से पहले अलग-अलग विश्वसनीय स्रोतों से कीमतों को क्रॉस-चेक करना हमेशा फायदेमंद रहता है।
अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में अंतर क्यों होता है?
IBJA द्वारा जारी रेट्स में 3% GST, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर्स का मार्जिन शामिल नहीं होता है। हर शहर और ज्वेलर्स के अपने परिचालन खर्च और स्थानीय टैक्स अलग हो सकते हैं, जिसके कारण अंतिम कीमत में अंतर आता है।
हम घर पर चांदी की असलियत कैसे पहचान सकते हैं?
चांदी की पहचान के लिए ‘आइस टेस्ट’ सबसे प्रभावी है, असली(Gold) चांदी पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है। इसके अलावा, असली चांदी चुंबक की ओर आकर्षित नहीं होती और उसे सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान छोड़ती है।
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