हड़ताल का कारण: नए लेबर कोड और ‘5-डे वर्क’ की मांग
नई दिल्ली: देश के प्रमुख बैंक संगठनों जैसे AIBEA और BEFI ने 12 फरवरी को हड़ताल(Bank Strike) का आह्वान किया है। कर्मचारी मुख्य रूप से केंद्र सरकार के 4 नए लेबर कोड का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इससे श्रमिक अधिकार कम हो जाएंगे। इसके अलावा, कर्मचारी लंबे समय से बैंकिंग सेक्टर में हर शनिवार छुट्टी यानी ‘5-डे वर्क वीक’ लागू करने की मांग कर रहे हैं ताकि काम के दबाव के बीच वर्क-लाइफ बैलेंस बना रहे।
आम आदमी पर प्रभाव: नकद और चेक क्लियरेंस में देरी
हड़ताल(Bank Strike) के कारण शाखाओं में कामकाज ठप रहने की संभावना है। विशेष रूप से सरकारी बैंकों (जैसे SBI और IDBI) में चेक क्लियरेंस, केवाईसी अपडेट और नई चेकबुक जैसे काम अटक सकते हैं। हालांकि प्राइवेट बैंक खुले रहेंगे, लेकिन इंटर-बैंक ट्रांजेक्शन और चेक प्रोसेसिंग में देरी होने से भुगतान प्रक्रिया 2-3 दिन पिछड़ सकती है। एटीएम में भी कैश की किल्लत होने की आशंका है, इसलिए जरूरी नकदी का इंतजाम पहले ही कर लेना बेहतर होगा।
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डिजिटल सेवाएं रहेंगी बहाल: क्या करें और क्या नहीं
राहत की बात यह है कि हड़ताल के दौरान डिजिटल बैंकिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ग्राहक UPI (Google Pay, PhonePe), इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल एप(Bank Strike) के जरिए पैसे ट्रांसफर (NEFT/RTGS/IMPS) कर सकेंगे। यदि आपके पास पहले से नकदी है या आपको ऑनलाइन शॉपिंग करनी है, तो कोई समस्या नहीं होगी। विशेषज्ञों की सलाह है कि बैंक शाखा जाने के बजाय कल डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का ही उपयोग करें।
क्या कल सभी बैंक बंद रहेंगे?
तकनीकी रूप से यह आधिकारिक(Bank Strike) छुट्टी नहीं है, लेकिन सरकारी बैंकों के कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से वहां कामकाज ठप रहेगा। हालांकि, HDFC, ICICI और Axis जैसे बड़े प्राइवेट बैंक खुले रहेंगे और वहां सामान्य रूप से काम होगा।
चेक क्लियरेंस पर हड़ताल का क्या असर होगा?
चूंकि चेक क्लियरेंस की प्रक्रिया अक्सर सरकारी बैंकों के माध्यम से संचालित होती है, इसलिए हड़ताल की वजह से चेक क्लियर होने में 2 से 3 दिन की अतिरिक्त देरी हो सकती है।
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