परिजनों की उपस्थिति में आरोपियों की काउंसिलिंग
हैदराबाद। मल्काजगिरी आयुक्तालय (Malkajgiri Commissionerate) की पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) टी. उषा रानी ने कहा है कि लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे बिना किसी भय के आगे आकर शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि शी टीम की टीमें सादे कपड़ों में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, स्कूल, कॉलेज, सब्जी बाजार और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डिकॉय ऑपरेशन (Decoy Operation) चला रही हैं। महिलाओं का पीछा करने या उत्पीड़न करने वालों को पुख्ता साक्ष्यों के साथ गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है तथा उनके परिजनों की उपस्थिति में काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
एलबी नगर में ईव-टीजिंग के आरोपियों की काउंसलिंग की गई आयोजित
डीसीपी महिला सुरक्षा, मल्काजगिरी के पर्यवेक्षण में सीपी कैंप कार्यालय, एलबी नगर में ईव-टीजिंग के आरोपियों की काउंसलिंग आयोजित की गई। 16 जनलरी से 31 जनवरी की अवधि के दौरान शी टीम ने महिलाओं और बालिकाओं के उत्पीड़न में शामिल कुल 81 आरोपियों (56 बालिग और 25 नाबालिग) को पकड़ा। परिजनों की उपस्थिति में पेशेवर काउंसलरों की सहायता से उनकी काउंसलिंग की गई। पिछले माह 16 से 31 जनवरी के बीच कुल 99 शिकायतें प्राप्त हुईं। शी टीम के अनुसार एक महिला की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शी टीम ने एक निजी बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया। चालक ने टिकट बुकिंग के दौरान प्राप्त व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग करते हुए अश्लील संदेश भेजे और फोन कॉल कर उत्पीड़न किया।
फोन और संदेशों के माध्यम से परेशान करना शुरू कर दिया
शिकायत मिलते ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एक युवती ने शिकायत दी कि परिचित युवक ने विवाह प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद फोन और संदेशों के माध्यम से परेशान करना शुरू कर दिया तथा निजी तस्वीरें परिवार को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। शी टीम ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। इसी क्रम में एक महिला ने पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति द्वारा लगातार उत्पीड़न की शिकायत की। आरोपी ने विश्वास हासिल कर मोबाइल नंबर लिया और लगातार संदेश व वीडियो भेजकर मानसिक रूप से परेशान किया। काउंसलिंग के बावजूद व्यवहार न बदलने पर आरोपी के खिलाफ संबंधित थाने में मामला दर्ज किया गया।
आयुक्तालय क्या होता है?
आयुक्तालय किसी विभाग या क्षेत्र का वह प्रशासनिक कार्यालय होता है, जहाँ एक आयुक्त (Commissioner) प्रमुख अधिकारी के रूप में कार्य करता है। यह व्यवस्था आमतौर पर बड़े शहरों या विशेष विभागों में लागू होती है। आयुक्तालय के अंतर्गत कई अधीनस्थ अधिकारी और शाखाएँ काम करती हैं। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित, तेज और प्रभावी ढंग से संचालित करना होता है।
पुलिस आयुक्तालय क्या होता है?
पुलिस आयुक्तालय बड़ी शहरों में लागू की जाने वाली पुलिस प्रशासन की एक विशेष व्यवस्था है। इसमें पुलिस आयुक्त (Commissioner of Police) को अधिक अधिकार दिए जाते हैं, जैसे कानून-व्यवस्था बनाए रखना और कुछ कार्यकारी मजिस्ट्रेट शक्तियाँ। यह प्रणाली महानगरों में सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत और त्वरित निर्णय लेने योग्य बनाती है।
थाने में सबसे बड़ा ऑफिसर कौन होता है?
किसी पुलिस थाने में सबसे बड़ा अधिकारी थाना प्रभारी होता है। इसे आमतौर पर एसएचओ (Station House Officer) या थाना अध्यक्ष कहा जाता है। कई जगह यह पद निरीक्षक (Inspector) या उपनिरीक्षक (Sub-Inspector) स्तर का अधिकारी संभालता है। थाने की कानून-व्यवस्था, शिकायत दर्ज करना और पुलिस कार्यों की जिम्मेदारी उसी के पास होती है।
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