मुख्य सचिव ने अधिकारियों के साथ बैठक कर ली जानकारी
हैदराबाद। राज्य सरकार के मुख्य सचिव के रामाकृष्णा राव (Chief Secretary K Ramakrishna Rao) ने ग्रेटर हैदराबाद, साइबराबाद और मल्काजिगिरी नगर निगम क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बुधवार को डॉ. बी.आर. अंबेडकर राज्य सचिवालय में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों ने नगरों में स्वच्छता, कचरा संग्रहण पद्धति, सफाई अभियान और जन स्वास्थ्य सुरक्षा (public health protection) के लिए किए जा रहे उपायों की पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से मुख्य सचिव को जानकारी दी। के. रामकृष्णा राव ने सभी विवरणों को डैशबोर्ड पर नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।

4,500 स्वच्छ ऑटो प्रतिदिन घर-घर जाकर कचरा एकत्र कर रहे
जीएचएमसी आयुक्त आरवी कर्णन ने बताया कि नगर क्षेत्र में 4,500 स्वच्छ ऑटो प्रतिदिन घर-घर जाकर कचरा एकत्र कर रहे हैं। 2,650 स्वयंसेवी दल के सदस्य और कुल 18,557 कर्मी सफाई विभाग में कार्यरत हैं। प्रतिदिन लगभग 7,800 टन कचरा संग्रहित किया जा रहा है। प्रधान सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि नगरपालिका विभाग सरकार में महत्वपूर्ण है और जन सुविधाओं के अनुरूप जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी। यदि कोई अधिकारी अपने दायित्वों में लापरवाही करता है, तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जाएं।
शुद्धिकरण केंद्रों के संचालन पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया
बैठक में कचरा संग्रह (सूखा एवं गीला कचरा), प्लास्टिक कचरे का नियंत्रण और गंदे पानी की शुद्धिकरण केंद्रों के संचालन पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया। शहर में स्वच्छता कार्यों की निगरानी हेतु विशेष टीम गठित करने और समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए। साथ ही, वर्षा के मौसम को ध्यान में रखते हुए नालियों की सफाई की अग्रिम तैयारी करने का निर्देश भी दिया गया। बैठक में नगरपालिका विभाग सचिव टी.के. श्रीदेवी, जीएचएमसी कमिश्नर आर.वी. कर्णन, साइबराबाद नगर निगम कमिश्नर श्रीजन, मल्काजिगिरी नगर निगम कमिश्नर विनय कृष्णा रेड्डी, जोनल कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
स्वच्छता से आप क्या समझते हैं?
आसपास के वातावरण, शरीर और जीवनशैली को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने की आदत को स्वच्छता कहा जाता है। इसमें व्यक्तिगत साफ-सफाई, घर-आंगन की सफाई, कचरे का सही निपटान और स्वच्छ जल का उपयोग शामिल है। स्वच्छता से बीमारियाँ कम होती हैं और स्वस्थ जीवन संभव होता है। यह केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है।
स्वच्छता के 7 प्रकार क्या हैं?
प्रमुख प्रकार इस प्रकार माने जाते हैं—
- व्यक्तिगत
- घरेलू
- पर्यावरणीय
- खाद्य
- जल
- सामुदायिक
- मानसिक
इन सभी प्रकारों का उद्देश्य स्वास्थ्य संरक्षण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना है।
स्वच्छता दिवस कब है?
भारत में स्वच्छता से जुड़ा प्रमुख अभियान “स्वच्छ भारत मिशन” 2 अक्टूबर को प्रारंभ हुआ था, इसलिए इस दिन स्वच्छता के प्रति विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व स्वच्छता दिवस (World Toilet Day) 19 नवंबर को मनाया जाता है। इन अवसरों पर लोगों को स्वच्छता, साफ-सफाई और स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक किया जाता है।
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