निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों को दिए निर्देश
हैदराबाद। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के आयुक्त आरवी कर्णन (RV Karnan) ने सभी जोनल और उप आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि नगर के सभी क्षेत्रों में स्वच्छता कार्य व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न किए जाएं, विशेषकर आगामी रमज़ान माह को ध्यान में रखते हुए। बुधवार को आयुक्त ने चारमीनार जोन में स्वच्छता व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त (Additional Commissioner) (स्वच्छता) रवि किशन तथा चारमीनार जोनल आयुक्त उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मेक्का मस्जिद, मदीना और चारमीनार क्षेत्र के प्रमुख स्थानों का अवलोकन किया गया। आयुक्त ने स्वच्छता कर्मियों की तैनाती, मार्ग मानचित्र, निगरानी प्रणाली, पूजा स्थलों के आस-पास सफाई उपाय, सड़कों की झाड़ू लगाना और वाणिज्यिक व बाजार क्षेत्रों में कचरा संग्रहण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

सभा स्थलों को हमेशा रखा जाए स्वच्छ
प्रमुख चौराहों और पैदल मार्गों की सफाई की स्थिति का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने अधिकारियों के साथ नालियों की सफाई, कचरा जमा होने से रोकने के उपाय और सर्किल तथा जोन स्तर पर निगरानी प्रथाओं पर स्थल पर चर्चा की। रमज़ान के दौरान पैदल आगंतुकों की संख्या बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि सड़कों, चौराहों, नमाज स्थलों और सभा स्थलों को हमेशा स्वच्छ रखा जाए। उन्होंने अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती, कड़ी निगरानी और वास्तविक समय में निगरानी प्रणाली के माध्यम से निर्धारित स्वच्छता मानकों को बनाए रखने का आदेश दिया। आयुक्त ने नागरिकों और व्यापारियों से अपील की कि वे स्वच्छता कर्मियों के साथ सहयोग करें ताकि ग्रेटर हैदराबाद शहर में स्वच्छता सुनिश्चित हो सके।

स्वच्छता से आप क्या समझते हैं?
आसपास के वातावरण, शरीर और जीवनशैली को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने की आदत को स्वच्छता कहा जाता है। इसमें व्यक्तिगत साफ-सफाई, घर-आंगन की सफाई, कचरे का सही निपटान और स्वच्छ जल का उपयोग शामिल है। स्वच्छता से बीमारियाँ कम होती हैं और स्वस्थ जीवन संभव होता है। यह केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव डालती है।
स्वच्छता के 7 प्रकार क्या हैं?
स्वच्छता के प्रमुख प्रकार इस प्रकार माने जाते हैं—
- व्यक्तिगत स्वच्छता
- घरेलू स्वच्छता
- पर्यावरणीय स्वच्छता
- खाद्य स्वच्छता
- जल स्वच्छता
- सामुदायिक स्वच्छता
- मानसिक स्वच्छता
इन सभी प्रकारों का उद्देश्य स्वास्थ्य संरक्षण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखना है।
स्वच्छता दिवस कब है?
भारत में स्वच्छता से जुड़ा प्रमुख अभियान “स्वच्छ भारत मिशन” 2 अक्टूबर को प्रारंभ हुआ था, इसलिए इस दिन स्वच्छता के प्रति विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व स्वच्छता दिवस (World Toilet Day) 19 नवंबर को मनाया जाता है। इन अवसरों पर लोगों को स्वच्छता, साफ-सफाई और स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक किया जाता है।
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