‘समान व्यवहार नीति’ की मांग की
हैदराबाद। भाजपा ने तेलंगाना सरकार (Telangana Government) के मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के दौरान एक घंटे पहले कार्य छोड़ने की अनुमति देने के आदेश की आलोचना की और सभी धार्मिक समुदायों के लिए समान रियायत की मांग की। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एन. वी. सुबाष (Chief Spokesperson N.V. Subhash) ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों की सुविधा देना स्वीकार्य है, लेकिन इसी प्रकार के प्रावधान हिन्दू कर्मचारियों के लिए अय्यप्पा दीक्षा और अन्य त्योहारों के दौरान भी लागू होने चाहिए। उन्होंने कहा कि चयनात्मक रियायतें भेदभाव की धारणा पैदा कर सकती हैं और कांग्रेस नेतृत्व वाली राज्य सरकार से समान नीति अपनाने का आग्रह किया। भाजपा ने मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी से यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया कि क्या धार्मिक रियायतों के लिए समान दिशा-निर्देश लागू किए जाएंगे।
रमजान क्यों मनाया जाता है?
इस्लाम धर्म का पवित्र महीना है, जिसे रोज़ा, इबादत और आत्मसंयम के लिए मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी महीने में पवित्र कुरआन का अवतरण हुआ था। मुसलमान इस दौरान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं, नमाज़ अदा करते हैं और दान-पुण्य करते हैं। इसका उद्देश्य आत्मशुद्धि, धैर्य, करुणा और अल्लाह के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करना है।
रमजान के पीछे क्या कहानी है?
इस्लामी मान्यता के अनुसार, इसी महीने में अल्लाह ने पैगंबर मुहम्मद पर कुरआन की पहली आयत उतारी थी। यह घटना मक्का के पास स्थित हिरा की गुफा में हुई बताई जाती है। इसलिए यह महीना आध्यात्मिक महत्व रखता है। रोज़ा रखने की परंपरा कुरआन में वर्णित है, जिससे इंसान में संयम, अनुशासन और जरूरतमंदों के प्रति संवेदना विकसित होती है।
रमजान की शुरुआत कैसे हुई थी?
इस पवित्र महीने की शुरुआत चाँद दिखने से होती है, क्योंकि इस्लामी कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित है। जब नए चाँद का दीदार होता है, तब से रोज़ों का सिलसिला शुरू होता है। पैगंबर मुहम्मद के समय से ही रोज़ा रखने की परंपरा प्रचलित है। इस दौरान मुसलमान सहरी से रोज़ा शुरू करते हैं और इफ्तार से समाप्त करते हैं, तथा पूरी रात इबादत और तरावीह की नमाज़ अदा की जाती है।
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