Maharashtra muslim reservation : महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में मुसलमानों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 5 प्रतिशत आरक्षण देने से संबंधित वर्ष 2014 के सरकारी आदेश को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया है। सामाजिक न्याय विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, पिछले दस वर्षों से कानूनी कारणों से लागू न हो सकी इस व्यवस्था को अब सरकारी अभिलेखों से हटा दिया गया है।
वर्ष 2014 में तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार ने मुसलमानों को स्पेशल बैकवर्ड क्लास-ए (SBC-A) श्रेणी में शामिल कर आरक्षण देने के लिए अध्यादेश जारी किया था। लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी और समय सीमा के भीतर इसे कानून का रूप नहीं दिया जा सका। बाद की न्यायिक प्रक्रियाओं में भी यह व्यवस्था प्रभावी नहीं रह सकी।
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हालाँकि यह आदेश लंबे समय से लागू नहीं था, फिर भी सरकारी रिकॉर्ड में बना हुआ था। अब नए आदेश के साथ पुराने जीओ और (Maharashtra muslim reservation) संबंधित परिपत्रों को निरस्त कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस श्रेणी के तहत अब कोई जाति प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक सुधार है और रिकॉर्ड को अद्यतन करने के उद्देश्य से किया गया है।
इस निर्णय पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस और एनसीपी नेताओं ने इसे अल्पसंख्यकों के हितों के खिलाफ कदम बताया है। उनका आरोप है कि सरकार पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रही है।
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