शांति वार्ता से सत्ता परिवर्तन तक की तैयारी
वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में इराक युद्ध के बाद अमेरिकी सेना की सबसे बड़ी तैनाती(Iran) ने युद्ध की आहट तेज कर दी है। ईरान की सीमाओं के करीब दो एयरक्राफ्ट कैरियर(Aircraft Carrier) और सैकड़ों लड़ाकू विमानों की मौजूदगी के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तीन मुख्य रणनीतियों पर विचार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का अगला कदम न केवल ईरान, बल्कि पूरे वैश्विक परिदृश्य को बदल सकता है।
कूटनीति और दबाव: बिना युद्ध के बड़ी ‘डील’ की कोशिश
ट्रंप का पहला विकल्प सैन्य टकराव से बचते हुए ईरान(Iran) को अपनी शर्तों पर बातचीत की मेज पर लाना है। ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर गुप्त रूप से ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं। व्हाइट हाउस के अधिकारियों की पहली पसंद एक ऐसी परमाणु डील(Nuclear Deal) है, जो सैन्य कार्रवाई की जरूरत को खत्म कर दे। ट्रंप उम्मीद कर रहे हैं कि खाड़ी में तैनात अमेरिकी बेड़े का खौफ तेहरान को झुकने पर मजबूर कर देगा।
‘लिमिटेड स्ट्राइक’: मांगों को मनवाने के लिए सर्जिकल अटैक
यदि कूटनीति विफल रहती है, तो ट्रंप ईरान के विशिष्ट ठिकानों पर सीमित हमलों (Limited Strikes) का आदेश दे सकते हैं। इस रणनीति का उद्देश्य ईरान(Iran) के बैलिस्टिक मिसाइल केंद्रों और परमाणु हथियार बनाने वाले संभावित ठिकानों को तबाह करना है। इससे यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि ट्रंप की धमकियां कोरी नहीं हैं। यह विकल्प सैन्य प्रभुत्व दिखाने और ईरान की रक्षा क्षमता को कमजोर करने के लिए चुना जा सकता है।
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‘रिजीम चेंज’: अली खामेनेई सरकार का तख्तापलट
ट्रंप का तीसरा और सबसे आक्रामक विकल्प ईरान में सत्ता परिवर्तन है। इस विकल्प के तहत अमेरिकी सेना तेहरान के सत्ता शीर्ष और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले कर सकती है। इस ‘फुल-स्केल’ मिलिट्री ऑपरेशन का मकसद अली खामेनेई सरकार को गिराना होगा। हालांकि, यह विकल्प सबसे जोखिम भरा है क्योंकि इसके बाद ईरान में पैदा होने वाली अस्थिरता और सत्ता के शून्य को भरना एक बड़ी चुनौती होगी।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच इस समय कोई सीधी बातचीत हो रही है?
आधिकारिक तौर पर सीधी बातचीत की पुष्टि नहीं है, लेकिन ट्रंप के करीबी स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ओमान के मध्यस्थों के जरिए ईरानी अधिकारियों के साथ इनडायरेक्ट बातचीत कर रहे हैं। जिनेवा में होने वाली बैठक इस दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है।
ईरान के आसपास अमेरिकी सैन्य तैनाती की वर्तमान स्थिति क्या है?
अमेरिका ने ईरान के तटों के पास दो एयरक्राफ्ट कैरियर, दर्जनों जंगी जहाज और सैकड़ों आधुनिक लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। इराक युद्ध के बाद यह मध्य पूर्व में अब तक की सबसे बड़ी अमेरिकी सैन्य लामबंदी है।
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