Iran vs usa tensions : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक चर्चा का विषय बन गया है। Donald Trump की नीतियों के सामने Ali Khamenei के नेतृत्व वाला ईरान झुकने को तैयार नहीं दिख रहा, जिससे स्थिति और संवेदनशील होती जा रही है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की सैन्य शक्ति का सीधे मुकाबला करना ईरान के लिए कठिन होगा। लेकिन यदि युद्ध की स्थिति उत्पन्न होती है, तो असममित युद्ध (asymmetric warfare) रणनीतियों के माध्यम से ईरान अमेरिका पर रणनीतिक दबाव बना सकता है।
सैन्य शक्ति में बड़ा अंतर
अमेरिका के पास स्टेल्थ लड़ाकू विमान, परमाणु-संचालित (Iran vs usa tensions) विमानवाहक पोत और उन्नत मिसाइल प्रणालियाँ हैं। ईरान की वायु और नौसैनिक क्षमता अपेक्षाकृत सीमित है, जिससे सीधे युद्ध में अमेरिका को बढ़त मिलती है।
ईरान की संभावित रणनीतियाँ
प्रॉक्सी नेटवर्क: क्षेत्रीय समर्थक समूहों के जरिए अमेरिकी ठिकानों पर दबाव बनाया जा सकता है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य: वैश्विक तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग बाधित होने पर वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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साइबर हमले: वित्तीय और बुनियादी ढांचे पर साइबर हमलों से व्यवधान उत्पन्न किया जा सकता है।
गुरिल्ला रणनीति: पर्वतीय भूभाग लंबी लड़ाई को जटिल बना सकता है।
राजनीतिक और रणनीतिक प्रभाव
लंबे युद्ध आर्थिक दबाव और जनमत के कारण राजनीतिक निर्णयों को प्रभावित कर सकते हैं। इतिहास में भी लंबे संघर्षों ने इसी प्रकार परिणाम दिए हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि प्रत्यक्ष सैन्य जीत के बजाय रणनीतिक दबाव बनाना भी एक प्रकार की जीत मानी जा सकती है।
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