Tariff War: ट्रम्प का टैरिफ वार: इमरजेंसी टैक्स वसूली बंद

Read Time:  1 min
Tariff War
Tariff War
FONT SIZE
GET APP

अब ‘सेक्शन 122’ से नई घेराबंदी

वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सुप्रीम कोर्ट के झटके के बाद इमरजेंसी(Tariff War) टैरिफ (IEEPA) की वसूली रोकने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि वह झुकने वाले नहीं हैं और अब ‘सेक्शन 122’ के तहत 15% ग्लोबल टैरिफ लागू कर रहे हैं। ट्रम्प ने उन देशों को कड़ी चेतावनी दी है जो पुराने समझौतों का हवाला देकर ज्यादा टैक्स देने से कतरा रहे हैं

सुप्रीम कोर्ट का फैसला और वसूली पर रोक

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 1977 के ‘IEEPA’ कानून के तहत लगाए गए टैरिफ(Tariff War) को गैरकानूनी घोषित कर दिया है। इसके बाद अमेरिकी कस्टम विभाग (CBP) ने मंगलवार रात से इसकी वसूली बंद करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से पहले अमेरिका हर दिन लगभग ₹4,500 करोड़ की कमाई कर रहा था। अब कंपनियों द्वारा पुराने वसूले गए टैक्स के रिफंड की मांग उठने की संभावना बढ़ गई है, जिससे अमेरिकी खजाने पर दबाव पड़ सकता है।

नया दांव: सेक्शन 122 और 15% ग्लोबल टैरिफ

इमरजेंसी टैरिफ बंद होने के तुरंत बाद ट्रम्प ने ‘ट्रेड एक्ट 1974’ के सेक्शन 122 का इस्तेमाल करते हुए नया दांव खेला है। इसके तहत भारत सहित दुनिया(Tariff War) के सभी देशों पर 15% का एक समान ग्लोबल टैरिफ लागू कर दिया गया है। रोचक बात यह है कि इस कानून का इस्तेमाल पिछले 50 सालों में पहली बार हो रहा है। ट्रम्प का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने अनजाने में उन्हें अन्य कानूनों के तहत और भी सख्त कार्रवाई करने की शक्ति दे दी है।

अन्य पढ़े:  क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी का IPO खुला

भारत पर असर और ट्रम्प की चेतावनी

भारत के लिए यह खबर मिली-जुली है; जहाँ पहले भारतीय सामान पर 18% से 50% तक टैक्स लग रहा था, वहीं अब यह घटकर 15% के दायरे में आ गया है। हालांकि, ट्रम्प(Tariff War) ने ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को चेतावनी दी है कि वे ‘ट्रेड डील’ के नाम पर गेम न खेलें। यदि कोई देश 15% टैरिफ का विरोध करता है, तो अमेरिका उन पर और भी ऊंचे टैरिफ या लाइसेंसिंग जैसे कड़े प्रतिबंध लगा सकता है।

सेक्शन 232 और सेक्शन 301 के तहत लगे टैरिफ पर क्या असर होगा?

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इन पर कोई असर नहीं होगा। नेशनल सिक्योरिटी (सेक्शन 232) और अनफेयर ट्रेड (सेक्शन 301) के तहत लगाए गए टैरिफ पहले की तरह जारी रहेंगे। कोर्ट का आदेश सिर्फ ‘इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) पर लागू है।

क्या 15% का यह नया ग्लोबल टैरिफ स्थायी है?

नहीं, सेक्शन 122 के तहत राष्ट्रपति अधिकतम 150 दिनों के लिए ही टैरिफ लगा सकते हैं। इसे आगे जारी रखने के लिए अमेरिकी संसद (कांग्रेस) की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

अन्य पढ़े:

Dhanarekha

लेखक परिचय

Dhanarekha

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।