हैदराबाद। तेलंगाना सरकार के 99 दिवसीय जनपालन–प्रगति कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को खैरताबाद (Khairatabad) स्थित तेलंगाना पिछड़ा वर्ग आयोग (Commission) के कार्यालय में लंबित अभिलेखों के निस्तारण तथा परिसर की स्वच्छता के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अध्यक्ष व सदस्यों ने कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया
कार्यक्रम में आयोग के अध्यक्ष जी. निरंजन, सदस्य रापोलु जयप्रकाश, तिरुमलगिरि सुरेंद्र, बाललक्ष्मी तथा सदस्य सचिव बी. बाला माया देवी ने भाग लिया। बैठक में उपनिदेशक यू. श्रीनिवास राव, सहायक सचिव के. मनोहर राव, विशेष अधिकारी एन. सुनीता, अनुभाग अधिकारी जी. सतीश कुमार और इरफान खान, अनुसंधान अधिकारी जी. लक्ष्मीनारायण सहित अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस दौरान आयोग के अध्यक्ष, सदस्यों और अधिकारियों ने पूरे कार्यालय परिसर का निरीक्षण कर स्वच्छता और रखरखाव के लिए आवश्यक कदमों की पहचान की।
एक सप्ताह के भीतर काम पूरा करने का फैसला
इन कार्यों को आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष जी. निरंजन ने कर्मचारियों से कार्यालय परिसर को स्वच्छ तथा सुखद वातावरण में बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने 99 दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत लंबित अभिलेखों का शीघ्र निस्तारण करने के भी निर्देश दिए।
वर्तमान में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष कौन हैं?
तेलंगाना पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जी. निरंजन हैं। वे इस पद पर कार्यरत हैं और आयोग की गतिविधियों का नेतृत्व कर रहे हैं।
2500 रुपये की योजना किसे मिलेगी?
तेलंगाना सरकार की महालक्ष्मी योजना के तहत तेलंगाना की महिलाएं जो निम्न आय स्तर की श्रेणियों (जैसे बीपीएल/एपीएल/अंत्योदय) में आती हैं और राज्य की स्थायी निवासी हैं, उन्हें प्रति माह 2500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके तहत गैस सिलेंडरों पर सब्सिडी और बसों में मुफ्त यात्रा जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की जाती हैं।
तेलंगाना में जाति जनगणना की रिपोर्ट क्या है?
हालिया जाति सर्वेक्षण (जातिगत जनगणना) के अनुसार राज्य की कुल आबादी में लगभग 46.25 प्रतिशत लोग पिछड़ी जातियों (बीसी – पिछड़ा वर्ग) से हैं, जो अन्य सभी वर्गों की तुलना में सबसे बड़ा समूह है।
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