वाशिंगटन। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक पहल सामने आई है। व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) 14-15 मई को बीजिंग का दौरा करेंगे, जहां उनकी मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी।
बीजिंग में होगी बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट (Press Secretary Karoline Leavitt) ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच यह बहुप्रतीक्षित बैठक बीजिंग में आयोजित होगी। इसके साथ ही साल के अंत में वाशिंगटन में पारस्परिक यात्रा की भी योजना बनाई गई है।
पहले टली थी यात्रा, अब नई तारीख तय
यह दौरा पहले ईरान (Iran) में चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियानों के कारण टाल दिया गया था। व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद इसे 14-15 मई के लिए पुनर्निर्धारित किया गया। बीजिंग ने उस समय ट्रंप के वाशिंगटन में मौजूद रहने की आवश्यकता को समझते हुए स्थगन को स्वीकार किया था।
युद्ध से नहीं जुड़ा बैठक का समय
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक का समय ईरान संघर्ष के किसी विशेष परिणाम से जुड़ा नहीं है। जब यह सवाल उठाया गया कि क्या युद्ध की समाप्ति शिखर सम्मेलन की शर्त है, तो स्पष्ट रूप से कहा गया कि ऐसा नहीं है।
परिवार स्तर पर भी कूटनीतिक मेजबानी
बताया गया है कि प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के साथ राष्ट्रपति ट्रंप बाद में वाशिंगटन में शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन की मेजबानी भी करेंगे। इसे दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
तनाव के बीच कूटनीतिक संतुलन की कोशिश
बीजिंग में होने वाली यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखे हुए है। साथ ही व्यापार, तकनीक और वैश्विक प्रभाव को लेकर अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है।
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दुनिया की नजर इस बैठक पर
यह मुलाकात दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंधों के भविष्य को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक से वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर दूरगामी असर पड़ सकता है।
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