USA- आधुनिक युद्ध का नया चेहरा- साइबर और डिजिटल नेटवर्क बने सबसे बड़े हथियार

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वाशिंगटन। पेंटागन ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल नेटवर्क (Digital Newtwork) को आज की युद्ध रणनीति का केंद्र बताया है। पेंटागन (Pentagon) के अनुसार, अमेरिका की सेना का पूरा डिजिटल सिस्टम—जैसे कम्युनिकेशन नेटवर्क, डेटा सिस्टम और साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर—अब एक शक्तिशाली हथियार प्रणाली बन चुका है। यह भविष्य के युद्धों में लड़ने, फैसला लेने और जीत हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।

डिजिटल सिस्टम बना ‘वॉरफाइटिंग टूल’

अमेरिकी सीनेट सशस्त्र सेवा साइबर उपसमिति की बैठक में रक्षा विभाग की प्रमुख सूचना अधिकारी कर्स्टन डेविस ने कहा कि अमेरिका सैन्य बढ़त हासिल करने के लिए अपने आईटी और साइबर सिक्योरिटी सिस्टम (Cyber Sequrity System) में बड़े बदलाव कर रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य जटिल युद्धक्षेत्रों में डेटा पर बढ़त और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता हासिल करना है।

पुराने सिस्टम बने रणनीतिक खतरा

उपसमिति के चेयरमैन माइक राउंड्स ने चेतावनी दी कि पुराने सिस्टम और धीमी प्रक्रियाएं अब एक बड़ा खतरा बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि दुश्मन से तेज स्थिति समझने और कार्रवाई करने की क्षमता ही भविष्य के युद्धों का परिणाम तय करेगी।

चार स्तंभों पर आधारित नई रणनीति

कर्स्टन डेविस ने नेटवर्क मॉडर्नाइजेशन, सॉफ्टवेयर डिलीवरी में तेजी, मजबूत साइबर सुरक्षा और कुशल वर्कफोर्स तैयार करने के लिए चार-पिलर ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति पेश की। इस योजना का मकसद सेना को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाना है।

नेटवर्क खुद बनेगा युद्ध का हिस्सा

रिपोर्ट के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल पॉल स्टैंटन ने कहा कि नेटवर्क को एक वॉरफाइटिंग सिस्टम की तरह काम करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सही समय पर सही डेटा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है, ताकि कमांडर तेजी और सटीकता से फैसले ले सकें।

‘हम पहले से जंग में हैं’—अधिकारियों का दावा

स्टैंटन ने कहा कि सेना पहले से ही तनावपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रही है और “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” जैसे मिशन चला रही है। उन्होंने बताया कि टीमें रियल टाइम में नेटवर्क की निगरानी करती हैं, ट्रैफिक को रीरूट करती हैं और किसी भी तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान करती हैं।

टेक्निकल कर्ज और इंफ्रास्ट्रक्चर पर चिंता

सांसदों ने पेंटागन के पुराने होते इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ते “टेक्निकल कर्ज” पर चिंता जताई। माइक राउंड्स ने कहा कि कम निवेश की वजह से यह समस्या बढ़ी है, जिसका फायदा दुश्मन उठा सकते हैं। डेविस ने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि इस रणनीति का उद्देश्य इन कमियों को दूर करना है।

एआई और सप्लाई चेन पर भी बहस तेज

सुनवाई के दौरान एआई और सप्लाई चेन रिस्क पर भी चर्चा हुई। सीनेटर जैक रीड ने रक्षा विभाग के कुछ फैसलों पर सवाल उठाए। हालांकि, डेविस ने बताया कि मामला अदालत में है, इसलिए अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।

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युद्ध का बदलता तरीका: डेटा और सॉफ्टवेयर की बढ़ती भूमिका

पेंटागन के लिए यह बदलाव युद्ध लड़ने के तरीके में एक बड़ा परिवर्तन दर्शाता है। अब सैन्य नेतृत्व नेटवर्क, डेटा और सॉफ्टवेयर को ऐसे अहम टूल के रूप में देख रहा है, जो युद्ध के मैदान में सेंसर, कमांडर और हथियारों को जोड़ते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि मॉडर्नाइजेशन में देरी से दुश्मनों को बढ़त मिल सकती है।

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Anuj Kumar

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