5 दिन का सीजफायर खत्म, तोपें और मिसाइलें गरजीं
काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान(Afghan-Pak) के बीच ईद के उपलक्ष्य में हुआ 5 दिनों का अस्थायी युद्धविराम 25 मार्च को समाप्त हो गया। इसके तुरंत बाद पाकिस्तानी सेना ने अफगान सीमा के भीतर नरई और सरकानो इलाकों में दर्जनों तोप के गोले दागे। जवाब में अफगान सीमा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की तीन सैन्य चौकियों को तबाह कर दिया। इस ताज़ा हिंसा(Recent Violence) में अब तक दोनों पक्षों के तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं।
हवाई हमलों और नशा मुक्ति केंद्र का विवाद
दोनों देशों के बीच तनाव 17 मार्च को तब चरम पर पहुँच गया था जब पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल के कई इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। अफगान(Afghan-Pak) तालिबान का दावा है कि इन हमलों में एक नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। हालांकि, पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने केवल गोला-बारूद(Ammunition) के भंडार को नष्ट किया था। पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान नशे के आदी लोगों का इस्तेमाल आत्मघाती हमलों के लिए कर रहा है।
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TTP का हमला और भू-राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने भी अपना तीन दिनों का सीजफायर खत्म कर पाकिस्तान के भीतर हमले तेज कर दिए हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान TTP के लड़ाकों को पनाह दे रहा है। साथ ही, पाकिस्तान(Afghan-Pak) ने अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं के लिए भारत पर भी निराधार आरोप लगाए हैं। भारत और अफगान तालिबान दोनों ने इन दावों को खारिज करते हुए इसे पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताया है। पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए अफगानिस्तान के भीतर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष शुरू होने का मुख्य कारण क्या है?
ईद के लिए किया गया 5 दिनों का सीजफायर 25 मार्च को खत्म होने के बाद दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे की चौकियों और सीमावर्ती इलाकों पर गोलाबारी शुरू कर दी, जिससे यह संघर्ष दोबारा भड़क गया।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर हवाई हमले क्यों किए?
पाकिस्तान का दावा है कि वह अपनी जमीन पर होने वाले आतंकी हमलों के जवाब में TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों को निशाना बना रहा है, जिन्हें कथित तौर पर अफगानिस्तान में पनाह मिली हुई है।
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