हैदराबाद । तेलंगाना के डीजीपी शिवधर (DGP Shivadhar Reddy) रेड्डी ने कहा कि
आईपीएस उमेश चंद्र की पेशेवर विरासत युवा पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने हैदराबाद के एस.आर. नगर में स्वर्गीय आईपीएस अधिकारी चदलावाड़ा उमेश चंद्र की 60 वीं जयंती (Birth Anniversary)पर दिवंगत अधिकारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उमेश चंद्र की उत्कृष्ट सेवाओं को स्मरण करते हुए डीजीपी ने उनके अद्वितीय साहस, वीरता तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
पुलिस सेवा में समर्पण और ईमानदारी के प्रतीक उमेश चंद्र
उन्होंने दिवंगत अधिकारी आईपीएस उमेश चंद्र को पुलिस सेवा में समर्पण और ईमानदारी का प्रतीक बताया। इस अवसर पर डीजीपी ने उमेश चंद्र के जीवन और उनकी विशिष्ट सेवाओं पर आधारित एक पुस्तक का भी लोकार्पण किया। आंध्र प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री च. द्वारका तिरुमला राव, उमेश चंद्र के पिता चदलावाड़ा वेंणुगोपाल राव तथा अन्य कई गणमान्य व्यक्ति भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इस पुस्तक की प्रस्तावना बी. शिवधर रेड्डी द्वारा लिखी गई है। अपनी प्रस्तावना में उन्होंने उल्लेख किया कि उमेश चंद्र ने अपने पूरे कार्यकाल में अत्यंत निष्ठा के साथ पुलिस विभाग को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कीं।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के दौरान उनके दृढ़ नेतृत्व की सराहना
उन्होंने विशेष रूप से उग्रवाद की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के दौरान उनके दृढ़ नेतृत्व की सराहना की और इसे जनसुरक्षा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। डीजीपी ने आगे कहा कि एक मार्गदर्शक अधिकारी तथा टीम भावना को बढ़ावा देने वाले नेता के रूप में उमेश चंद्र की पेशेवर विरासत आज भी युवा पुलिसकर्मियों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक दिवंगत अधिकारी की निष्ठा और सेवाओं को समर्पित एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है।
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