TTD : टीटीडी मंदिरों को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बनाने पर जोर दिया जाए – चंद्रबाबू

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चंद्रबाबू
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तिरुमला। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अंतर्गत आने वाले मंदिरों को अत्याधुनिक आध्यात्मिक केंद्रों में बदलने का आह्वान किया, जहां परंपरा और तकनीक का समन्वय हो। एआई आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की समीक्षा करते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं की यात्रा को कतार से लेकर दर्शन तक सहज, सुरक्षित और बिना किसी असुविधा के बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने अन्नदानम और प्राणदानम (The Gift of Life) सेवाओं के विस्तार, श्रीवारी सेवा स्वयंसेवकों के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण और टीटीडी प्रणालियों को राष्ट्रीय मॉडल के रूप में अपनाने के निर्देश भी दिए। तिरुमला तेजी से एक तकनीक-आधारित आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है, जहां इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर में एआई सक्षम ‘गोविंदा’ प्रणाली के जरिए भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालु सेवाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।

73,000 भक्तों के आवागमन को सुचारु रूप से संभाला जा रहा

यह प्रणाली श्रद्धालुओं की संख्या, प्रतीक्षा समय और क्षमता का पूर्वानुमान लगाती है, जिससे प्रतिदिन औसतन 73,000 भक्तों के आवागमन को सुचारु रूप से संभाला जा रहा है। विशेष रूप से वैकुंठ एकादशी के दौरान प्रतीक्षा समय में 27 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। अधिकारियों के अनुसार, रियल-टाइम डैशबोर्ड, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और डिजिटल मॉनिटरिंग तिरुमला को स्मार्ट मंदिर प्रबंधन का एक आदर्श बना रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदूषण मुक्त तिरुमला पर जोर दिया और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा तथा सख्त पर्यावरण निगरानी की योजनाओं का उल्लेख किया। अधिकारियों द्वारा तिरुपति से आगे निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने पर भी विचार किया जा रहा है। पेपरलेस सिस्टम, स्मार्ट सुरक्षा और प्राणदानम के तहत एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं के साथ तिरुमला को आध्यात्मिक, पर्यावरणीय और तकनीकी उत्कृष्टता का वैश्विक मानक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

आंध्र प्रदेश की राजधानी क्या है?

Andhra Pradesh की वर्तमान आधिकारिक राजधानी Amaravati मानी जाती है। हालांकि प्रशासनिक कार्यों के लिए Visakhapatnam को भी विकसित किया जा रहा है। राज्य के पुनर्गठन के बाद राजधानी को लेकर कई बदलाव और प्रस्ताव सामने आए हैं, लेकिन अमरावती को ही विधायी राजधानी के रूप में प्रमुख माना जाता है।

आंध्र प्रदेश का दूसरा नाम क्या है?

ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र को “आंध्र” या “आंध्र राज्य” के नाम से भी जाना जाता है। प्राचीन ग्रंथों में इसे “आंध्र देश” कहा गया है। Andhra Pradesh का यह नाम यहां के प्रमुख समुदाय और भाषा के आधार पर पड़ा है, जो समय के साथ विकसित होकर वर्तमान नाम बना।

आंध्र प्रदेश में कौन सी भाषा बोलते हैं?

यहां की मुख्य और आधिकारिक भाषा Telugu है, जिसे राज्य के अधिकांश लोग बोलते और समझते हैं। इसके अलावा उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी भी कुछ क्षेत्रों में उपयोग की जाती हैं। तेलुगु भाषा इस राज्य की संस्कृति, साहित्य और पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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Ajay Kumar Shukla

लेखक परिचय

Ajay Kumar Shukla

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