राघव चड्ढा ने दिखाया ‘उड़ान कैफे’ का सच
नई दिल्ली: हवाई अड्डों(Airport) पर चाय और स्नैक्स की अत्यधिक कीमतों से परेशान यात्रियों के लिए ‘उड़ान यात्री कैफे’ एक वरदान साबित हो रहा है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मुंबई(Mumbai) एयरपोर्ट का एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे खुद मात्र ₹10 में चाय पीते नजर आ रहे हैं। इस कैफे में समोसा भी केवल ₹20 में उपलब्ध है। यह पहल उन यात्रियों के लिए बेहद मददगार है जो अक्सर एयरपोर्ट पर ₹200-300 की चाय खरीदने से कतराते थे।
राघव चड्ढा की मांग और सरकार का कदम
इस सस्ते विकल्प की शुरुआत का श्रेय काफी हद तक राघव चड्ढा को दिया जा रहा है, जिन्होंने 2024 के शीतकालीन सत्र में संसद(Parliament) में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने सवाल किया था कि क्या सरकार एयरपोर्ट्स पर सस्ती कैंटीन नहीं खोल सकती? उनके इस सुझाव और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद, सरकार ने इसे गंभीरता से लिया। इसका परिणाम यह हुआ कि आज देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो रहा है।
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कोलकाता से शुरू हुआ सफर अब देशभर में
देश के पहले ‘उड़ान यात्री कैफे’ की शुरुआत 19 दिसंबर 2024 को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हुई थी। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने कोलकाता एयरपोर्ट की 100वीं वर्षगांठ पर यात्रियों को यह विशेष सौगात दी थी। कोलकाता की सफलता के बाद अब दिल्ली, मुंबई और अन्य बड़े शहरों के एयरपोर्ट्स पर भी ये कैफे खोले जा चुके हैं, जहाँ यात्री ‘फुल पैसा वसूल’ सर्विस का आनंद ले रहे हैं।
भारत में पहले ‘उड़ान यात्री कैफे’ की शुरुआत कब और कहाँ हुई थी?
भारत के पहले उड़ान यात्री कैफे का उद्घाटन 19 दिसंबर 2024 को कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर किया गया था।
एयरपोर्ट्स पर सस्ते खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग सबसे पहले किसने उठाई थी?
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 2024 में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान यह मांग उठाई थी। उन्होंने एयरपोर्ट पर ₹100 की पानी की बोतल और ₹250 की चाय की कीमतों पर सवाल उठाते हुए सस्ती कैंटीन खोलने का सुझाव दिया था।
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