₹7,104 करोड़ के निवेश प्रस्तावों को केंद्र की हरी झंडी
नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स(Electronics Sector) के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार(Central Government) ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत 29 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने सोमवार को जानकारी दी कि इन परियोजनाओं में कुल 7,104 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विदेशों से आयात होने वाले इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों पर निर्भरता कम करना और ‘मेक इन इंडिया’ को सशक्त बनाना है।
रोजगार के हजारों नए अवसर और उत्पादन लक्ष्य
इन नए निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से देश के युवाओं(Youth) के लिए रोजगार के बड़े द्वार खुलेंगे। अनुमान है कि इस क्षेत्र में 14,246 नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उत्पादन के लिहाज से भी यह(Electronics Sector) एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि इन स्वीकृतियों के माध्यम से लगभग 84,515 करोड़ रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स घटकों का उत्पादन होने की उम्मीद है। अब तक मंत्रालय इस योजना के तहत कुल 75 आवेदनों को अपनी सहमति प्रदान कर चुका है।
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‘आत्मनिर्भर भारत’ और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
यह निवेश भारत को सेमीकंडक्टर और अन्य जटिल इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जों के बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा। स्थानीय स्तर पर घटकों का निर्माण होने से न केवल लागत में कमी आएगी, बल्कि भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। यह कदम विशेष रूप से मोबाइल, लैपटॉप और रक्षा उपकरणों में उपयोग होने वाले हाई-टेक कंपोनेंट्स की घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत हाल ही में कितने निवेश को मंजूरी दी गई है?
केंद्र सरकार ने हाल ही में 29 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनसे देश में कुल 7,104 करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
इन नए निवेश प्रस्तावों से रोजगार और उत्पादन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
इन प्रस्तावों से लगभग 14,246 नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और इनके जरिए 84,515 करोड़ रुपये मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों का उत्पादन होने का अनुमान है।
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