Fuel Crisis: ईंधन संकट के बीच केंद्र का बड़ा फैसला

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अब पेट्रोल पंपों पर भी मिलेगा केरोसिन

नई दिल्ली: मध्य पूर्व (अमेरिका-इजराइल और ईरान) में जारी युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल(Fuel Crisis) की कीमतों में आए उछाल और संभावित कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में 60 दिनों की अस्थायी ढील दी गई है। अब राशन की दुकानों के अलावा प्रत्येक जिले के दो चयनित पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन का वितरण किया जा सकेगा। सरकारी तेल कंपनियों को 5,000 लीटर तक का स्टॉक रखने और उसे सीधे बांटने की अनुमति दी गई है ताकि जरूरतमंद परिवारों तक ईंधन समय पर पहुँच सके

एक्साइज ड्यूटी में कटौती और कीमतों पर नियंत्रण

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल(Fuel Crisis) के दाम 70 डॉलर से बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गए हैं, जिससे तेल कंपनियों को प्रति लीटर भारी घाटा हो रहा था। जनता को राहत देने और महंगाई को रोकने के लिए सरकार ने पेट्रोल(Petrol) और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये की भारी कटौती की है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य घरेलू कीमतों को स्थिर रखना है ताकि युद्ध के वैश्विक प्रभाव का बोझ आम आदमी की जेब पर न पड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ में देशवासियों को आश्वस्त किया है कि भारत इस ऊर्जा चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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स्टॉक की स्थिति और वैकल्पिक ईंधन पर जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। गैस की मांग के दबाव को कम करने के लिए सरकार ने 4.8 करोड़ लीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, सिटी गैस कंपनियों को कमर्शियल संस्थानों में PNG कनेक्शन बढ़ाने को कहा गया है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) से बचें।

पेट्रोल पंपों पर केरोसिन वितरण के लिए सरकार ने क्या नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं?

सरकार ने तय किया है कि हर जिले में अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुने जाएंगे जहाँ से केरोसिन बांटा जा सकेगा। इन पंपों को अधिकतम 5,000 लीटर स्टॉक रखने की अनुमति होगी। इसके अलावा, वितरण एजेंटों को अगले 60 दिनों के लिए लाइसेंस और सप्लाई के कड़े नियमों से छूट दी गई है।

सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कितनी कटौती की है?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद घरेलू कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर 10-10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है। इससे पेट्रोल पर प्रभावी ड्यूटी 13 रुपये से घटकर 3 रुपये रह गई है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है।

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