मुख्यमंत्री का जिलाधिकारियों को सख्ती बरतने का निर्देश
अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (N. Chandrababu Naidu) ने बुधवार को जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू करें और किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान देते हुए सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें। राज्य सचिवालय में आयोजित छठे जिलाधिकारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि संबंधी चुनौतियों के समाधान और किसानों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कृषि प्रौद्योगिकी सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय कृषि विद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जो भारतीय व्यवसाय विद्यालय की तर्ज पर होगा। नायडू ने घोषणा की कि खरीफ मौसम के लिए पानी 15 मई से छोड़ा जाएगा, जबकि उगादी के उपहार के रूप में दो लाख पचास हजार (two lakh fifty thousand) घरों का उद्घाटन किया जाएगा।
निःशुल्क बस यात्रा की भी घोषणा
उन्होंने ‘इंद्र धनुस्सु’ योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क बस यात्रा की भी घोषणा की। जल सुरक्षा पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि भूजल स्तर बढ़कर 8.10 मीटर हो गया है और अधिकारियों को निर्देश दिया कि 1 अप्रैल से 90 दिन का जल संरक्षण अभियान चलाया जाए, जिसमें जलाशयों की गाद निकालने का कार्य भी शामिल होगा। वर्तमान में राज्य के जलाशयों में 614 टीएमसी पानी उपलब्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया कि वेलिगोंडा परियोजना के इस वर्ष जुलाई तक पूर्ण होने की संभावना है, जबकि पोलावरम परियोजना वर्ष 2027 तक पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि वर्ष 2027 तक आंध्र प्रदेश को भूमि विवादों से मुक्त राज्य बनाया जाएगा और भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी तथा क्यूआर कोड युक्त पट्टेदार पासबुक के माध्यम से किया जाएगा।
लापरवाही को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा
श्रीकाकुलम में दस्त के मामलों, राजमहेंद्रवरम में मिलावटी दूध से हुई मौतों तथा वेटलापालेम में पटाखा दुर्घटना जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए नायडू ने चेतावनी दी कि लापरवाही और नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिलाधिकारी प्रत्येक माह आठ दिन क्षेत्रीय दौरे पर रहें, जबकि सचिवों को चार दिन जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करनी चाहिए।
चंद्रबाबू नायडू किस धर्म के हैं?
आंध्र प्रदेश के प्रमुख राजनेता N. Chandrababu Naidu हिंदू धर्म से संबंध रखते हैं। उनका जन्म 20 अप्रैल 1950 को आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में हुआ था। वे लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं और तेलुगु देशम पार्टी के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। पारिवारिक और सामाजिक रूप से वे पारंपरिक हिंदू संस्कृति से जुड़े रहे हैं और कई धार्मिक तथा सामाजिक कार्यक्रमों में भी भाग लेते रहे हैं।
चंद्रबाबू नायडू ने बीजेपी का समर्थन किया या कांग्रेस का?
राजनीतिक जीवन में कई समय अलग-अलग दलों के साथ गठबंधन किया है N. Chandrababu Naidu। वे तेलुगु देशम पार्टी के नेता हैं, जो कभी भारतीय जनता पार्टी के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल रही। वहीं कुछ समय पर कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन का भी समर्थन किया गया। आंध्र प्रदेश की राजनीति में परिस्थितियों के अनुसार उन्होंने विभिन्न दलों के साथ राजनीतिक समझौते और गठबंधन किए हैं।
चंद्रबाबू कितनी बार सीएम बने?
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चार बार पद संभाल चुके हैं N. Chandrababu Naidu। पहली बार 1995 में मुख्यमंत्री बने और उसके बाद 1999 में फिर से सत्ता में आए। इसके बाद 2014 में आंध्र प्रदेश के पुनर्गठन के बाद वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। 2024 में चुनाव जीतने के बाद उन्होंने चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और राज्य के प्रशासन का नेतृत्व कर रहे हैं।
क्या चंद्रबाबू नायडू विपक्ष के नेता हैं?
वर्तमान समय में विपक्ष के नेता नहीं हैं N. Chandrababu Naidu। 2024 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी तेलुगु देशम पार्टी को बहुमत मिला और वे आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए। विपक्ष के नेता का पद आमतौर पर उस दल के नेता को मिलता है जो विधानसभा में सरकार के बाद सबसे बड़ी पार्टी होती है। इसलिए मुख्यमंत्री बनने के बाद वे विपक्ष के नेता की भूमिका में नहीं हैं।
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