Pawan Kalyan : पूर्व सांसद उंडवल्ली अरुण कुमार ने कहा कि आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के प्रति उनका नजरिया सकारात्मक है। हालांकि उन्होंने पवन की राजनीतिक यात्रा और विचारधारा को लेकर कई दिलचस्प टिप्पणियां कीं। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में उंडवल्ली ने कहा कि वह अब तक केवल एक बार पवन कल्याण से मिले हैं। उन्होंने राज्य विभाजन के मुद्दे पर चर्चा करना चाहा था, लेकिन पवन ने उस विषय में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। पवन की राजनीतिक सोच पर बोलते हुए उंडवल्ली ने कहा कि पवन ने खुद कभी नक्सल आंदोलन से जुड़ने की इच्छा जताई थी। उन्होंने याद दिलाया कि 2019 चुनावों में पवन ने वामपंथी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।
बाद में भाजपा के साथ जुड़ना पूरी तरह राजनीतिक आवश्यकता का हिस्सा था, ऐसा उंडवल्ली ने कहा। उनके अनुसार पिछली सरकार के दौरान हुए अपमान और राजनीतिक परिस्थितियों की वजह से पवन ने यह फैसला लिया होगा। उन्होंने कहा कि जगन को सत्ता से हटाने की मजबूत इच्छा के कारण ही पवन ने चंद्रबाबू के समर्थन में कदम उठाया। राजमुंदरी जेल में चंद्रबाबू से मिलने के बाद गठबंधन को समर्थन देना भी उसी रणनीति का हिस्सा था।
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उंडवल्ली ने कहा कि पवन ने यह फैसला अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए भी लिया हो सकता है। (Pawan Kalyan) उन्होंने यह भी कहा कि पवन किसी भी मुद्दे पर बहुत आक्रामक और सीधे तरीके से अपनी बात रखते हैं। सनातन धर्म पर पवन के हालिया बयानों को लेकर उंडवल्ली ने कहा कि पवन को सनातन धर्म से ज्यादा साम्यवादी विचारधारा की समझ है। मौका मिलने पर वह इस विषय पर पवन से चर्चा करना चाहेंगे।
हालांकि उन्होंने पवन कल्याण की राजनीतिक क्षमता की तारीफ भी की। उंडवल्ली ने कहा कि पवन मुख्यमंत्री स्तर के नेता हैं और वर्तमान राजनीति में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। तिरुमला लड्डू विवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर नेताओं को सावधानी से बोलना चाहिए। कानून को अपना काम करने देना चाहिए और समाज में अनावश्यक तनाव नहीं पैदा होना चाहिए।
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