AP education loans : आंध्र प्रदेश सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को बेहद कम ब्याज दर पर शिक्षा ऋण देने के निर्देश मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को दिए हैं। यह घोषणा जिला कलेक्टरों की बैठक के दौरान की गई।
आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ-साथ विदेशों के नामी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को इस योजना से बड़ा लाभ मिलने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक स्थिति के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए। योग्य छात्रों को प्रशिक्षण देकर प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिलाने पर जोर दिया गया। विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के युवाओं को जर्मन भाषा का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि ‘तल्लीकि वंदनम’ योजना के तहत लाखों लोगों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। महिलाओं के लिए चल रही मुफ्त यात्रा योजना का भी उल्लेख किया गया। बुडगाजंगा समुदाय को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने के मुद्दे पर केंद्र सरकार से चर्चा करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। तब तक उन्हें अन्य सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।
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गरीबों के लिए आवास निर्माण योजना पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। अगस्त तक लाखों घरों के गृहप्रवेश (AP education loans) कार्यक्रम आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा भूमि विवादों के समाधान, पुनः सर्वेक्षण और पासबुक वितरण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी सेवाओं का खर्च कम करना सरकार की प्राथमिकता है।
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